बिहार में नई सरकार के गठन के बाद बुधवार को सम्राट चौधरी कैबिनेट की दूसरी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 63 एजेंडों पर मुहर लगी।
Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक हुई। इस मीटिंग में बिहार के विकास और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से 63 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पुलिस विभाग में प्रमोशन, इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्रों से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने बिहार पुलिस बल को मजबूत करने और उसके कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य में पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) और समकक्ष रैंक के लिए स्वीकृत कुल 20,937 पद भरे जाने हैं। जिसमें से अब 50 प्रतिशत पद प्रमोशन के जरिए भरे जाने के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए गठित बिहार निगरानी अन्वेषण संवर्ग को अब भंग कर दिया गया है। इस कैडर में वर्तमान में सेवारत DSP, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर अब सीधे बिहार पुलिस कैडर में शामिल हो जाएंगे।
राज्य में सड़क संपर्क को विश्व-स्तरीय मानकों तक पहुंचाने के लिए कैबिनेट ने PPP मॉडल के तहत कई बड़ी परियोजनाओं को शुरू करने की मंज़ूरी दी है। इनमें सबसे प्रमुख बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ परियोजना है, जो लगभग 90 किलोमीटर लंबी होगी। इसके अलावा बिदुपुर-दिघवारा उत्तरी गंगा पथ (56 किमी) और सारण के दरिहारा को गोपालगंज के डुमरिया घाट से जोड़ने वाली 73.51 किमी लंबी, 4-लेन वाली ग्रीनफील्ड सड़क के निर्माण के लिए भी सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी गई है।
शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सम्राट कैबिनेट ने अपने खजाने खोल दिए हैं। राज्य के सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड के एक चयनित उच्च माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय (मॉडल स्कूल) के रूप में विकसित करने के लिए 800 करोड़ का आवंटन स्वीकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य के 208 ऐसे ब्लॉकों में नए डिग्री कॉलेज स्थापित करने के लिए 9,152 पदों के सृजन और 104 करोड़ रुपये के प्रारंभिक व्यय की मंज़ूरी दी गई है, जहां वर्तमान में एक भी ऐसा संस्थान मौजूद नहीं है।
आम जनता को राहत देते हुए सरकार ने बिजली सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री बिजली उपभोक्ता सहायता योजना के तहत 23,165 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजना के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने हेतु 29,933 जल आपूर्ति योजनाओं के रखरखाव के लिए 3,601 करोड़ की राशि अनुमोदित की गई है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान का आधिकारिक नाम अब बदलकर पटना चिड़ियाघर कर दिया गया है।
मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बेतिया राज एस्टेट के स्वामित्व वाली 3.159 हेक्टेयर भूमि पर एक हेलीपोर्ट के विकास के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग को NOC दे दिया है, हालांकि भूमि का मालिकाना हक बिहार सरकार के पास ही रहेगा। इसके अलावा, नए केंद्रीय विद्यालय भवनों के निर्माण के लिए आरा (भोजपुर) और नवादा में 5-5 एकड़ भूमि को 1 रुपये के सांकेतिक किराए पर 30 वर्षों की अवधि के लिए पट्टे पर देने का निर्णय भी लिया गया है। साइबर अपराधों से निपटने के उद्देश्य से पटना में 51.19 करोड़ रुपये की लागत से एक नए भवन के निर्माण तथा साइबर कोषागार के लिए 23 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।