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JDU पर फिर बरसे बिहार के बाहुबली आनंद मोहन, बोले- जो कभी वार्ड पार्षद नहीं जीता, वो आज 10000 करोड़ का मालिक बन गया

Anand Mohan attacks JDU: बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन ने हाजीपुर में एक बार फिर JDU पर तीखा हमला किया है। बिना किसी का ना लिए आनंद मोहन ने कहा कि जो व्यक्ति कभी वार्ड कमिश्नर का चुनाव भी नहीं जीत सका, उसने नीतीश जी की बीमारी का फ़ायदा उठाकर पिछले तीन सालों में 10,000 करोड़ की संपत्ति जमा कर ली है।

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पटना

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Anand Shekhar

Jun 16, 2026

bahubali anand mohan singh attacks jdu

पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन

Bahubali Anand Mohan Singh: बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाजीपुर में क्षत्रिय समाज के एक निजी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आनंद मोहन ने बिना किसी का नाम लिए JDU के एक नेता पर 10,000 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति बनाने का आरोप लगाया है। अपने चिर-परिचित अंदाज में आनंद मोहन ने कहा कि सत्ता के संरक्षण में चल रही इस दलाली और लोकतंत्र की वास्तविक बहाली के लिए अब वे सड़कों पर उतर आए हैं।

नीतीश जी की खराब सेहत का फायदा उठाकर बने 10 हजार करोड़ के मालिक

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खराब सेहत का फायदा उठाने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए आनंद मोहन ने बिना किसी का नाम लिए कहा, "एक ऐसा व्यक्ति जो कभी अपने दम पर वार्ड पार्षद का चुनाव नहीं जीत सका, जो कभी जिला परिषद का चुनाव नहीं जीत पाया और न कभी अपने दम पर डायरेक्ट मुखिया बन पाया, उसने नीतीश जी की खराब सेहत का फायदा उठाकर पिछले तीन वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये की संपत्ति बना ली है। ऐसे केवल एक ही व्यक्ति नहीं हैं, JDU के भीतर ऐसे कई लोग हैं जो संगठन को अंदर से खोखला कर रहे हैं।"

चंबल के डैकैतों से की जदयू नेताओं की तुलना

आनंद मोहन ने आगे कहा कि JDU में अभी ऐसे 22 सक्रिय नेता हैं जिनका न तो पार्टी की विचारधारा से कोई लगाव है और न ही नेतृत्व के प्रति कोई निष्ठा। इन नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से करते हुए आनंद मोहन ने कहा कि जिस तरह कभी चंबल के जंगलों में डकैतों के गिरोह सक्रिय थे, उसी तरह आज राजनीतिक दलों के भीतर कुछ लोगों ने अपने सिंडिकेट और गिरोह बना लिए हैं।

दरभंगा एयरपोर्ट और AIIMS की जमीन में घोटाले का आरोप

आनंद मोहन ने आरोप लगाया कि दरभंगा एयरपोर्ट और प्रस्तावित AIIMS स्थल के पास 125 एकड़ जमीन एक प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़े ट्रस्ट के नाम पर पंजीकृत की गई है।आनंद मोहन ने कहा कि सहरसा में AIIMS बनना था, उसे ये लेकर गए दरभंगा, जिसका एक गेट 22.5 करोड़ रुपये में बना। इस गेट के आस-पास की जमीन पर बिना किसी सार्वजनिक घोषणा के कब्जा कर लिया गया है। यह जमीन अब उस खास प्रभावशाली व्यक्ति के करीबी लोगों के हाथों में जाने वाली है। जो काम कभी शहरी जमीन के दलाल करते थे, वही काम अब सरकार में बैठे ताकतवर लोग कर रहे हैं।

हमने जनसेवा के लिए 300 बीघा जमीन बेची

आनंद मोहन ने कहा कि उनके परिवार ने हमेशा जनहित के लिए त्याग किया है। उन्होंने कहा, "एक समय था जब हमारे परिवार के पास 400 बीघा जमीन थी। लेकिन राजनीतिक संघर्षों, वैचारिक लड़ाइयों और जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के कारण हमें 300 बीघा जमीन बेचनी पड़ी। आज मेरे तीनों दादाओं के हिस्से में सिर्फ 35-35 बीघा जमीन बची है। हमने समाज के लिए सब कुछ त्याग दिया, जबकि ये दलाल सत्ता का फायदा उठाकर अरबपति बन गए हैं।"

लोकतांत्रिक आजादी के लिए लड़ रहा हूं- आनंद मोहन

आनंद मोहन ने आगे कहा, "मैं अब 72 साल का हूं। मेरा बेटा (चेतन आनंद) विधायक है। जिंदगी के इस पड़ाव पर मुझे अपने परिवार और पोते-पोतियों के साथ समय बिताना चाहिए था। लेकिन अपने पूर्वजों के त्याग और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, मैं अभी भी सच्ची लोकतांत्रिक आजादी के लिए लड़ रहा हूं। हमने जदयू को बनाने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन अब जब पार्टी मजबूत हो गई है, तो कई लोग फायदा उठाने के लिए आगे आ गए हैं। उन्हें जनता के सामने बेनकाब करना जरूरी है।"