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गयाजी में ‘संविधान सुरक्षा’ पर संग्राम! पूर्व MLA को उठाकर 55 KM दूर ले गई पुलिस, RJD बोली- CM बंद करें तानाशाही

बिहार के गया जिले में 'संविधान बचाओ महारैली' के आयोजन को लेकर विवाद हो गया है।RJD के पूर्व विधायक सतीश दास को पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे गांधी मैदान में रैली आयोजित करने की अनुमति न दिए जाने के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे थे।

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गया

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Anand Shekhar

Apr 29, 2026

EX MLA Satish Das

डॉ विलास खरात और पूर्व विधायक सतीश दास

Bihar News:बिहार के गयाजी में 1 मई को प्रस्तावित संविधान सुरक्षा महारैली को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया है। गयाजी के गांधी मैदान में आयोजित होने वाली इस रैली को अनुमति न मिलने के विरोध में जब राजद के पूर्व विधायक सतीश दास और इतिहासकार डॉ. विलास खरात अन्य लोगों के साथ आमरण अनशन पर बैठे, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है और राजद ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है।

धरने से उठाकर 55 KM दूर ले गई पुलिस

जानकारी के अनुसार, अंबेडकर संघर्ष मोर्चा और महाबोधि महाविहार संघर्ष समिति ने बुद्ध जयंती और मजदूर दिवस के अवसर पर गांधी मैदान में संविधान बचाओ कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी थी। प्रशासन द्वारा इजाजत देने से इनकार करने के बाद, पूर्व विधायक सतीश दास गांधी मैदान के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे टाउन डीएसपी सरोज कुमार ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन अपनी मांग पर अड़े रहने के कारण पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और सीधे 55 किलोमीटर दूर गहलौर थाने पहुंचा दिया।

राजद बोली- दलित बेटे को बनाया बंधक

सतीश दास को हिरासत में लिए जाने पर राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि बिहार में सरेआम गुंडाराज कायम कर दिया गया है। शक्ति यादव ने आरोप लगाया कि जहानाबाद के मखदुमपुर से राजद के पूर्व विधायक और दलित बेटे सतीश दास जी को पुलिस ने जबरन बंधक बना रखा है, ताकि वे अपनी महारैली न कर सकें।

शक्ति सिंह यादव ने सवाल किया कि क्या अब विपक्ष के नेताओं को जनता के बीच जाने का अधिकार भी नहीं है? सत्ता के अहंकार में चूर एनडीए सरकार यह न भूले कि लोकतंत्र में कोई अमृत पीकर नहीं आया है। शक्ति यादव ने मुख्यमंत्री से अपनी तानाशाही बंद करने और सतीश दास को अविलंब रिहा करने की मांग की है।

प्रशासन का क्या है कहना

दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने रैली की अनुमति न देने के पीछे सुरक्षा कारणों और संसाधनों की कमी का हवाला दिया है। एसडीएम अनिल कुमार रमण के मुताबिक 1 मई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का गया दौरा प्रस्तावित है, जिसके कारण बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। साथ ही, कई पुलिसकर्मी दूसरे राज्यों में चुनाव ड्यूटी पर हैं, जिससे नए बड़े आयोजन के लिए सुरक्षा प्रदान करना फिलहाल संभव नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल पहले से निर्धारित बुद्ध जयंती कार्यक्रमों को ही मंजूरी दी गई है।