बिहार में कैबिनेट विस्तार 7 मई को पटना के गांधी मैदान में होना तय है, जहां 27 मंत्रियों के शपथ लेने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के भी इस समारोह में शामिल होने की उम्मीद है।
Bihar Cabinet Expansion: बिहार में कैबिनेट विस्तार की रूपरेखा अब पूरी तरह से तय हो गई है। दिल्ली में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है कि सम्राट कैबिनेट का पहला विस्तार 7 मई को होगा। इस बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक गांधी मैदान को चुना गया है, जहां भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस कैबिनेट विस्तार को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी पटना आने की प्रबल संभावना है। प्रधानमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने गांधी मैदान में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था शुरू कर दी है और वहां एक विशेष हेलीपैड भी बनाया जा रहा है। दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसमें कैबिनेट विस्तार के लिए अंतिम सूची पर मुहर लगाई गई।
7 मई को होने वाले समारोह के दौरान कुल 27 मंत्रियों के शपथ लेने की उम्मीद है। गठबंधन के भीतर मंत्री पदों का बंटवारा, हर पार्टी के पास मौजूद विधायकों की संख्या के आधार पर तय किया गया है। सूत्रों के अनुसार, BJP के कोटे से 12 नए मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। वहीं, जदयू कोटे से 11 नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। फिलहाल जदयू के दो उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव पहले से ही सरकार में हैं, इन्हें मिलाकर जदयू के मंत्रियों की कुल संख्या 13 हो जाएगी।
सहयोगी दल लोजपा (राम विलास) से दो मंत्री शपथ लेंगे, जबकि जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM से एक-एक मंत्री को शामिल किया जाएगा। बिहार में कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 36 मंत्री शामिल हो सकते हैं। हालांकि, रणनीतिक कारणों से फिलहाल छह सीटें खाली रखी जा सकती हैं।
इस मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा और जदयू दोनों ने ही अपने अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं पर भरोसा जताया है। जदयू की ओर से डॉ. अशोक चौधरी, श्रवण कुमार, लेसी सिंह और मदन सहनी जैसे नेताओं की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। वहीं, BJP के कोटे से मंगल पांडे, डॉ. दिलीप जायसवाल और नीतीश मिश्रा जैसे प्रमुख नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा सामाजिक समीकरणों में संतुलन बनाने के लिए कुछ नए चेहरों को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को दिल्ली से पटना लौटे, जिसके बाद उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नामों की अंतिम सूची और शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने 6 मई को शाम 5:00 बजे एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक भी बुलाई है, जिसके बाद मंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा किसी भी समय हो सकती है।