Bihar Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और 5 जिलों में ग्रामीण SP के नए पद सृजित करने जैसे फैसले लिए गए हैं।
Bihar Cabinet Meeting:बिहार के करीब 9 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुशियों का पिटारा खोल दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी सहित कुल 19 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इस फैसले के बाद राज्य के सातवें वेतनमान वाले कर्मचारियों का डीए 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया है। यह नई दर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा।
महंगाई भत्ते में इस वृद्धि का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक सैलरी पर पड़ेगा। न्यूनतम मूल वेतन (19,000 रुपये) पाने वाले कर्मियों के वेतन में 390 रुपये की वृद्धि होगी, जबकि अधिकतम वेतनमान वाले शीर्ष अधिकारियों के वेतन में 4500 रुपये प्रति माह तक का इजाफा होगा। इसी तरह, राज्य के लाखों पेंशनरों की मासिक पेंशन में भी 250 रुपये से लेकर 2200 रुपये तक की वृद्धि सुनिश्चित की गई है।
राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और ग्रामीण इलाकों में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। बिहार के पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिले में ग्रामीण एसपी के नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इन पदों पर अधिकारियों की तैनाती से ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी और जन-संवाद को मजबूती मिलेगी।
बिहार कैबिनेट ने औद्योगिक विकास की दिशा में भी अहम फैसले लिए हैं। पटना के बिहटा में डेयरी प्लांट लगाने के लिए 97 करोड़ रुपये के निजी निवेश को मंजूरी दी गई है, जिससे करीब 170 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। वहीं, वैशाली जिले में 400 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके आलवा मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना को संशोधित कर अब MSME विकास योजना के रूप में मंजूरी दी गई है, जिससे छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के महाविद्यालयों में 132 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। साथ ही किशनगंज में CISF ट्रेनिंग सेंटर के लिए 110.12 एकड़ जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को मुफ्त हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए सरकार ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन संशोधन 2026 और पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।