
Samrat Choudhary मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण को लेकर कांग्रेस पार्टी का रवैया पाखंडपूर्ण है। यह ऐसा मुद्दा है जिस पर वह सिर्फ बातें करती है, जबकि अब सच्चाई पूरे देश के सामने आ चुकी है। भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला सशक्तिकरण के नाम पर केवल बयानबाजी करती है, जबकि उसका वास्तविक रवैया पाखंड से भरा हुआ है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने आज तक गरीबों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम नहीं किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से आरक्षण विरोधी रही है और वह कभी नहीं चाहती थी कि आरक्षण व्यवस्था लागू हो।
भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की एनडीए सरकार ने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि जब देश स्तर पर महिला आरक्षण की बात आई, तो कांग्रेस और लालू प्रसाद यादव ने अपना असली चेहरा दिखा दिया।
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी ने महिला आरक्षण के खिलाफ अपनी मंशा पहले ही स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने हमेशा आगे आकर सहयोग किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को इस बात पर गर्व है कि महिला बिल को पारित कराने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के हितों के खिलाफ काम किया है, जिसका जवाब बिहार की जनता उनसे जरूर मांगेगी।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि विपक्ष की वजह से नारी शक्ति के आरक्षण का अपमान हुआ है। उन्होंने इसे लोकतंत्र में पहली ऐसी घटना बताया, जहां महिलाओं के साथ धोखा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ दल चाहते हैं कि उनके परिवार की महिलाएं ही सांसद बनें, जबकि आम परिवारों की बेटियों को मौका न मिले। लालू प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बेटी सांसद बने, लेकिन दूसरों की नहीं; राहुल गांधी की बहन सांसद बने, लेकिन दूसरों की नहीं; अखिलेश यादव की पत्नी सांसद बने, लेकिन अन्य की पत्नी को मौका न मिले।
सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्तमान में बिहार विधानसभा में 29 महिला विधायक हैं, जबकि यदि महिला आरक्षण बिल लागू होता, तो यह संख्या बढ़कर 122 हो जाती। उन्होंने नीतीश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह नारी शक्ति आरक्षण बिल के माध्यम से लोकसभा में 272 महिला सांसदों की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहते थे।