Bihar cyber fraud बिहार में साइबर अपराधियों का नेटवर्क बढ़ गया है। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच 500 करोड़ रु. ठगे गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 616 म्यूल खाते चिह्नित किए और 9252 मोबाइल नंबर बंद कराए।
Bihar Cyber Fraud बिहार में साइबर अपराधियों ने अपना दायरा बढ़ा लिया है, इसकी वजह से इससे जुड़े मामले भी बढ़ रहे हैं। नालंदा, नवादा, शेखपुरा, जमुई, पटना, गोपालगंज और पूर्णिया इसके हॉट स्पॉट बन गए हैं। पुलिस के मुताबिक, कई जिलों में अपराधियों ने गांवों में सेंटर बना रखे हैं ताकि पुलिस उन तक पहुंच न सके। जनवरी 2025 से नवंबर तक साइबर अपराधियों ने करीब 500 करोड़ की ठगी की है। पुलिस ने 1000 लोगों को पकड़ा है और 5624 मामले दर्ज किए हैं। 106.30 करोड़ होल्ड कराया और 17.36 करोड़ वापस कराया है। साइबर अपराध को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है, जिसकी वजह से 1.01 लाख ऑनलाइन शिकायतें सिर्फ बिहार से दर्ज कराई गई है।
बिहार में जनवरी से नवंबर 2025 तक साइबर फ्रॉड के सबसे ज्यादा मामले सोशल मीडिया से हुए। पुलिस को कुल 24.10 हजार ऑनलाइन शिकायतें मिलीं। साइबर ठगी के 1.10 लाख मामले दर्ज हुए। पुलिस ने 106.30 करोड़ रु. संदिग्ध खातों में होल्ड कराए (कुल राशि का 21.74%) और 7.36 करोड़ रु. पीड़ितों को वापस कराए।
साइबर अपराधियों ने सीमांचल, कोसी, चंपारण और मिथिला में भी अपना ठिकाना बना लिया है। पुलिस के मुताबिक, अपराधी सोशल मीडिया के जरिए डिजिटल अरेस्ट, सिम बॉक्स, विदेश में नौकरी और एजेंसी दिलाने के नाम पर ठगी करते हैं, इसलिए पुलिस की सबसे ज्यादा निगरानी इसी पर है।
बिहार में 2025 में फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी के मामले सामने आए, जिनके तार विदेशों से जुड़े हैं। आर्थिक अपराध इकाई की जांच में ऐसे कई मामले पकड़े गए।
मोतिहारी पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने 3 लोगों को पकड़ा - जितेंद्र कुमार, अमल प्रकाश और ओम प्रकाश। इस गैंग ने निवेश के नाम पर साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से करीब 7 करोड़ रु. ठगे, एक अकाउंट से 1.5 करोड़ रु. ट्रांसफर कर निकाले। पुलिस छापेमारी कर रही है, साइबर डीएसपी अभिनव परासर के मुताबिक तकनीकी टीम पटना, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी में छापे मार रही है।