पटना

Bihar Education: सरकारी स्कूलों को प्राइवेट के बराबर लाने की तैयारी, 20 हजार ‘सब्जेक्ट एक्सपर्ट’ करेंगे कायाकल्प

Bihar Education: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए शिक्षा विभाग बड़ा बदलाव करने जा रहा है। राज्य के 1.5 लाख शिक्षकों में से करीब 20 हजार 'सब्जेक्ट एक्सपर्ट' की पहचान की जाएगी, जो दूसरे शिक्षकों के मेंटॉर बनकर शिक्षण व्यवस्था को बेहतर करेंगे।
2 min read
• •
Updated: 10 Aug 2026, 8:44 AM IST
mithilesh tiwari controversy
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी

Bihar Education: बिहार शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर करने और उन्हें निजी स्कूलों के समकक्ष लाने की तैयारी में जुट गया है। इसके तहत राज्य में करीब 20 हजार 'सब्जेक्ट एक्सपर्ट' शिक्षकों की पहचान की जाएगी। ये शिक्षक अपने विषय में बेहतर प्रदर्शन करने वाले होंगे और दूसरे शिक्षकों के लिए मेंटॉर की भूमिका निभाएंगे।

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के मुताबिक, नई पहल के तहत कक्षा 9वीं और उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ाने वाले करीब 1.5 लाख शिक्षकों में से विषयवार दक्ष शिक्षकों का चयन किया जाएगा। चयनित शिक्षक अपने साथियों को मार्गदर्शन देने के साथ-साथ अकादमिक निरीक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

ये 'सब्जेक्ट एक्सपर्ट' शिक्षक संबंधित कक्षाओं के शिक्षकों के साथ बैठकर पढ़ाई में सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करेंगे। साथ ही, शिक्षण तकनीक, विषय की समझ और क्लासरूम टीचिंग के तरीकों को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

9वीं से 12वीं तक 20 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती

इसी दिशा में राज्य सरकार ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए 20 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की है। शिक्षा विभाग का मानना है कि पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी विषय विशेषज्ञता और आधुनिक शिक्षण तकनीक पर भी ध्यान देना जरूरी है।

अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा समय में छात्रों में एकाग्रता बनाए रखने की क्षमता कम हो रही है। ऐसे में पारंपरिक तरीके से पढ़ाने के बजाय शिक्षा विभाग इंटरैक्टिव, इनोवेटिव और अनौपचारिक शिक्षण विधियों को बढ़ावा देने की तैयारी कर रहा है।

'चिंतन शिविर' में शिक्षा सुधार पर मंथन

इन बदलावों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की रणनीति पर चर्चा के लिए शिक्षा विभाग की ओर से दो दिवसीय 'चिंतन शिविर' आयोजित किया जा रहा है। इसमें शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और छात्रों की सीखने में रुचि बढ़ाने जैसे मुद्दों पर मंथन किया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि बेहतर शिक्षण, विषय विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के जरिए बिहार के सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई दिशा दी जाए, ताकि सरकारी स्कूल निजी स्कूलों के बराबर खड़े हो सकें।

Updated on:
10 Aug 2026, 8:44 AM IST
Published on: