पटना

जदयू के ‘टाइगर अभी जिंदा है’ के जवाब में महागठबंधन का ‘अलविदा चाचा’, काउंटिंग से पहले पटना में पोस्टर वॉर

Bihar Election: बिहार में किसकी सरकार बन रही है यह शुक्रवार को साफ हो जाएगा। लेकिन उससे पहले पटना की सड़कों पर पोस्टर वॉर देखने को मिल रहा है। जहां जदयू ने नीतीश कुमार को टाइगर बताते हुए पोस्टर लगाया है। वहीं महागठबंधन ने नीतीश कुमार पर व्यंग्य करते हुए अलविदा चाचा का पोस्टर लगाया है। 
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Nov 13, 2025
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पटना की सड़कों पर लगा पोस्टर

Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने से पहले राजधानी पटना की सियासत अब दीवारों पर उतर आई है। मतगणना से एक दिन पहले जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थकों के बीच पोस्टर पॉलिटिक्स ने माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया है। अब राजनीतिक बयानबाज़ी सिर्फ मंचों या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही, बल्कि पटना की सड़कों पर लगे पोस्टर भी चुनावी संदेश और हमले से सजे हैं।

जदयू का पोस्टर - टाइगर अभी ज़िंदा है

पटना के जदयू कार्यालय के बाहर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में पोस्टर लगाया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस पोस्टर में नीतीश कुमार को टाइगर बताया है। पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में लिखा गया है, “टाइगर अभी ज़िंदा है।” पोस्टर में नीतीश कुमार को दलित, महादलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा, सवर्ण और अल्पसंख्यक का संरक्षक बताया गया है। यह पोस्टर पूर्व मंत्री रंजीत सिन्हा द्वारा लगवाया गया है। इससे पहले पटना के अलग अलग इलाकों में नीतीश कुमार के कई अन्य पोस्टर भी लगाए गए थे।

महागठबंधन का पलटवार - अलविदा चाचा!

वहीं दूसरी तरफ, पटना के राजद कार्यालय के बाहर एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहां नीतीश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए व्यंग्यात्मक पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर में बड़े बड़े शब्दों में लिखा गया है, "अलविदा चाचा! सिंहासन खाली करो कि तेजस्वी सरकार आ रही है।"

यह पोस्टर समाजवादी पार्टी यूथ विंग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धर्मवीर यादव द्वारा लगाया गया है। इसमें तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव की तस्वीरें एक साथ लगी हैं। पोस्टर में लिखी पंक्तियां न सिर्फ राजनीतिक व्यंग्य हैं, बल्कि जनमत की ताकत का इशारा भी देती हैं। पोस्टर में लिखा गया है, “जनता जब हुंकार भरे तो महलों की नींव उखड़ती है, साँसों के बल पर ताज हवा में उड़ती है। जनमत की रोके राह ‘शाह’ में ताव कहाँ, सिंहासन खाली करो कि तेजस्वी सरकार आती है।”

पटना में दीवारों की सियासत

बिहार की राजनीति में पोस्टर वॉर कोई नई बात नहीं है। अक्सर अलग-अलग पार्टियां एक-दूसरे पर हमला करने या खुद को बेहतर दिखाने के लिए पोस्टरों का इस्तेमाल करती रही हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही कई पार्टियों ने पोस्टरों के ज़रिए एक-दूसरे पर तीखे हमले किए थे। अब मतगणना से पहले भी यही नज़ारा देखने को मिल रहा है। मतगणना से पहले का माहौल ऐसा हो गया है मानो राजनीति सड़कों और दीवारों पर उतर आई हो।