पटना

Bihar Election Result: अनंत सिंह ने तीसरी बार जेल से जीता मोकामा, 5 प्रत्याशियों से ज्यादा लोगों ने दबाया NOTA

Bihar Election Result: बिहार विधानसभा चुनाव की सबसे चर्चित सीट मोकामा से बाहुबली अनंत सिंह ने जीत हासिल कर ली है। जेल से यह उनकी तीसरी जीत है। इस बार उनका मुकाबला एक और बाहुबली से था, जिससे मुकाबला और भी कड़ा हो गया था।

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Nov 14, 2025
अनंत सिंह (Photo- ANI)

Bihar Election Result:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में मोकामा सीट एक बार फिर सुर्खियों में रही, और वजह वही पुरानी, छोटे सरकार अनंत सिंह। जेल में रहते हुए चुनाव लड़ना और जीतना अब उनके राजनीतिक सफर का हिस्सा बन चुका है, और इस बार भी उन्होंने यही इतिहास दोहराया। 26 राउंड की गिनती के बाद अनंत सिंह ने राजद प्रत्याशी वीणा देवी को 28206 वोटों के भारी अंतर से मात दी। अनंत सिंह को कुल 91,416 वोट मिले, जबकि वीणा देवी 63,210 वोट पर सिमट गईं। जन सुराज के पियूष प्रियदर्शी 19,365 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

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2005 से अनंत सिंह का किला रहा मोकामा

अनंत सिंह का चुनावी सफर सामान्य नहीं बल्कि एक राजनीतिक थ्रिलर है। 2005 से मोकामा अनंत सिंह का किला रहा है। वो 2005 में मात्र 1769 वोटों से विजयी हुए थे। वहीं पिछले दो चुनाव (2015 और 2020) उन्होंने जेल में रहते हुए जीते और अब 2025 की जीत ने इस रिकॉर्ड को और मजबूत कर दिया है।

  • 2015: निर्दलीय रहते हुए 18,000+ मतों से जीत
  • 2020: राजद टिकट पर 35,000+ मतों से जीत
  • 2022 उपचुनाव: उनकी पत्नी नीलम देवी ने 16,741 वोट से जीत
  • 2025: JDU प्रत्याशी के रूप में 28,000+ वोट से ऐतिहासिक जीत

NOTA ने कई उम्मीदवारों को पछाड़ा

मोकामा सीट की एक और दिलचस्प कहानी है NOTA कि जिसे इस बार जनता ने जमकर इस्तेमाल किया। कुल 4,609 मतदाताओं ने NOTA दबाया, और यह संख्या पांच प्रत्याशियों के व्यक्तिगत वोट से ज्यादा है। नोटा से पीछे रह गए उम्मीदवारों में डॉ. राजेश कुमार रत्नाकर, अनिल कुमार, राहुल कुमार, मंजू कुमारी और विकास कुमार शामील रहें। इस नतीजे से साफ है कि मतदाता विकल्पों से इतने असंतुष्ट थे कि सीधे-सीधे कोई नहीं चाहिए का संदेश देने में पीछे नहीं हटे।

तीन दिन से चल रही थी जश्न की तैयारी

अनंत सिंह के समर्थकों में उनकी जीत को लेकर जबरदस्त उत्साह और जुनून देखा गया। पटना स्थित उनके आवास पर पिछले तीन दिनों से जश्न की तैयारियां चल रही थीं, जिसमें 50,000 लोगों के लिए खाना बनवाया जा चुका था और 2 लाख रसगुल्ले तैयार किए गए थे। उनके घर के बाहर लगा एक पोस्टर 'जेल का फाटक टूटेगा, मेरा शेर छूटेगा' चुनाव माहौल का सबसे लोकप्रिय नारा बन गया था। यह नारा एक भावनात्मक अपील थी - अनंत सिंह जेल में थे, लेकिन उनके समर्थक विश्वास करते थे कि उनकी जीत उन्हें सजा से मुक्त कर सकती है। काउंटिंग के दौरान भी समर्थक बड़ी LED स्क्रीन पर रुझान देखते रहे और हर बढ़त के साथ माहौल और गरमाता गया।

बाहुबलियों का था मुकाबला

मोकामा 2025 का चुनाव बिहार की राजनीति का सबसे हाई-वोल्टेज और भावुक मुकाबला बन गया था। यहां बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी और अनंत सिंह के बीच मुकाबला था, यहां दोनों मुख्य प्रत्याशी की जाति एक होने की वजह से यह मुकाबला और भी दिलचस्प और कड़ा हो गया था। दुलारचंद यादव हत्याकांड और अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने यहां की राजनीति को और उलझा दिया था, और मोकामा को एक विवादास्पद क्षेत्र के रूप में चिन्हित कर दिया था। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की सक्रिय भूमिका और उनकी रैलियां JDU कैंप में ऊर्जा और आत्मविश्वास भर गईं।

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