पटना

बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन के गढ़ में बाहुबलियों की पत्नी आमने सामने, बाहुबल का इस सीट पर रहा है दबदबा

बिहार के वारिसलीगंज विधानसभा सीट पर इस दफा दो बाहुबलियों की पत्नी आमने सामने हैं। वर्तमान में बीजेपी की अरुणा देवी विधायक हैं। जो कि कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह की पत्नी है। 
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Updated: 29 Oct 2025, 2:05 PM IST
Bihar Election 2025
बिहार विधानसभा चुनाव (Photo-Patrika)

बिहार चुनाव 2025 का सबसे रोचक मुकाबला बिहार के नवादा जिला के वारिसलीगंज विधानसभा में दिख रहा है। इस सीट पर दो बाहुबलियों की पत्नी के बीच टक्कर है। इस सीट पर करीब 2.7 लाख मतदाता हैं। लेकिन, सबसे महत्वपूर्ण भूमिका महिला मतदाताओं की रहती है। ये इस सीट पर प्रभावी भूमिका में रहती हैं। यही कारण है कि अरुणा देवी को लगातार बढ़त मिलती रही है। इस दफा आरजेडी ने भी इस सीट पर अनिता देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है। अनिता देवी कुख्यात अशोक महतो की पत्नी है। जाति के आदार पर देखें तो इस सीट पर पिछड़ा वर्ग, यादव, कोइरी, कुर्मी, सवर्ण और दलित मतदाताओं की संख्या है। ये निर्णायक भूमिका रहते हैं।

वारिसलीगंज: दो बाहुबलियों की पत्नी में टक्कर

नवादा जिले के वारिसलीगंज विधानसभा सीट पर दो बाहुबलियों की पत्नी आमने सामने होने की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एनडीए ने इस सीट पर अरुणा देवी को बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतारा हैं,जबकि महागठबंधन की ओर से आरजेडी उम्मीदवार अनिता महतो को चुनाव मैदान में उतारा है। दोनों बाहुबलियों की पत्नी हैं। अरुणा देवी बाहुबली अखिलेश सिंह की पत्नी हैं। पिछले चार बार से वो इस सीट पर जीतते आ रही हैं। महागठबंधन ने अरुणा देवी के खिलाफ इस दफा बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनिता महतो को चुनाव मैदान में उतारा है। अनिता पहली दफा वारिसलीगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं। इससे पहले 2024 का उन्होंने मुंगेर से लोकसभा चुनाव लड़ी थी। लेकिन वे जदयू प्रत्याशी ललन सिंह से वो चुनाव हार गई थी। इस दफा दो बाहुबलियों के चुनाव मैदान में उतरने से चुनाव दिलचस्प हो गया है।

अशोक महतो का भतीजा भी दो बार जीत चुका है चुनाव

वारिसलीगंज विधानसभा सीट से बाहुबल का पुराना रिश्ता रहा है। अशोक महतो का भतीजा प्रदीप महतो इस सीट पर दो दफा चुनाव जीत चुका हैं। सबसे पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में प्रदीप ने अक्तूबर 2005 में जीत हासिल की थी। उन्होंने इस चुनाव में दो बार की विधायक अरुणा देवी को मात्र 555 वोट से हराकर जीत अपने नाम कर लिया था। प्रदीप कुमार को 37,406 वोट मिले थे। वहीं, अरुणा देवी को 36,851 वोट मिले थे। 2010 में प्रदीप कुमार ने जदयू के टिकट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंंने कांग्रेस की अरुणा देवी को 5,428 वोट से मात दी। प्रदीप कुमार बाहुबली अशोक महतो के भतीजे हैं। प्रदीप महतो पर 2001 में नवादा जेल से अपने चाचा अशोक महतो और छह अन्य को जेल से भागने में मदद करने का भी आरोप लगा था।

गोविंदपुर: पूर्णिमा यादव और विनिता मेहता आमने सामने

गोविंदपुर विधानसभा भी नवादा जिला में ही पड़ता है। एनडीए के घटक दल एलजेपीआर ने इस सीट पर विनिता मेहता को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि महागठबंधन ने आरजेडी ने पूर्णिमा यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। एलजेपीआर प्रत्याशी विनिता मेहता रोह की जिला पार्षद हैं। उनके पति अनिल मेहता भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं। महागठबंधन के घटक दल आरजेडी प्रत्याशी पूर्णिमा यादव गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक हैं। उनके पति कौशल यादव भी नवादा विधानसभा से चुनाव जीत चुके हैं। पूर्णिमा देवी की सास गायत्री देवी भी इस सीट पर पांच दफा चुनाव जीत चुकी हैं। इससे पहले 2015 में कांग्रेस के टिकट पर पूर्णिमा यादव ने यहां से बीजेपी की फुला देवी को पराजित कर चुनाव जीता था।

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29 Oct 2025, 2:05 PM IST
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