बिहार में पंचायत चुनाव तय समय पर ही कराए जाएंगे। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि इसको लेकर तैयारी चल रही है।
बिहार पंचायत चुनाव 2026 पंचायत चुनाव तय समय पर ही कराए जाएंगे। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने गया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर परिसीमन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। प्रमुख और उप-प्रमुख के पदों के चुनाव भी मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार ही होंगे, जैसे पिछले चुनावों में हुए थे। साथ ही उन्होंने बताया कि 2026 के पंचायत चुनावों के लिए जल्द ही एक नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा।
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने अपने गया दौरे के दौरान टनकुप्पा प्रखंड के बरसौना गांव में बने विवादित पंचायत सरकार भवन के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। यह परियोजना स्थानीय विरोध के कारण कुछ समय से रुकी हुई थी। वहीं, एक सवाल के जवाब में दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया कि राज्य का नेतृत्व नीतीश कुमार के पास ही बना रहेगा।
पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि 2026 के चुनावों में नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। इसके लागू होने के बाद जो सीटें अभी अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं, वे सामान्य श्रेणी में जा सकती हैं। इसी तरह, वर्तमान में सामान्य श्रेणी की कुछ सीटें SC के लिए आरक्षित हो सकती हैं।
पिछले चुनाव 2016 और 2021 में पुरानी व्यवस्था के तहत कराए गए थे, लेकिन नए आरक्षण रोस्टर के लागू होने से कई सीटों की श्रेणी (कैटेगरी) बदल जाएगी। इससे ग्रामीण राजनीति में नए चेहरों के उभरने की संभावना बढ़ेगी और सामाजिक न्याय को भी मजबूती मिलेगी।
वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है, ऐसे में चुनाव अक्टूबर-नवंबर के आसपास होने की संभावना है।
बिहार में कुल 8053 पंचायतें हैं और उतने ही मुखिया पद भी हैं। ग्राम कचहरी के भी 8053 पद निर्धारित हैं। इसके अलावा 1,13,307 वार्ड सदस्य, 11,497 पंचायत समिति सदस्य और 1,13,307 पंच के पद हैं। वहीं, जिला परिषद के 1162 सदस्य हैं।
राज्य में इस वर्ष के अंत में इन सभी पदों के लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाएंगे, जिसके लिए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार पंचायत चुनाव करीब 30 साल पुराने परिसीमन के आधार पर ही कराए जाएंगे।