22 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महिला रोजगार योजना: मैपिंग में फंसे तो नहीं मिलेगी दूसरी किस्त? 20000 रुपये पाने के लिए करें ये काम

बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। इस योजना की दूसरी किस्त जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अप्रैल के अंत तक, पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 20,000 की राशि जमा करने की तैयारियां चल रही हैं।

3 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Mar 22, 2026

Mahila Rojgar Yojana

महिला रोजगार योजना के लिए सरकार दे रही है पैसा

Mukhymantri Mahila Rojgar Yojana:बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वरोजगार के लिए शुरू की गई नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। जिन महिलाओं ने पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये प्राप्त किए थे, उनके लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने अप्रैल के अंत तक दूसरी किस्त जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसकी राशि 20,000 रुपये होगी। हालांकि, सरकार ने इस किस्त के वितरण के लिए पात्रता के नियमों को काफी सख्त कर दिया है।

दूसरी किस्त के लिए केवल वही महिलाएं पात्र होंगी, जिन्होंने पहली किस्त का प्रभावी ढंग से उपयोग करके कोई स्वरोजगार शुरू किया हो। इसकी पुष्टि करने के लिए, पूरे राज्य में रोजगार मैपिंग की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यदि कोई महिला इस मैपिंग मूल्यांकन में सफल नहीं हो पाती है, या यदि उसके द्वारा दी गई जानकारी अधूरी पाई जाती है, तो उसकी दूसरी किस्त रोकी जा सकती है।

रोजगार मैपिंग में फंसे तो अटक सकता है पैसा

दूसरी किस्त की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित करने से पहले, सरकार यह सत्यापित करना चाहती है कि पहली किस्त का उपयोग उचित तरीके से किया गया है या नहीं। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए, 'जीविका' (JEEViKA) द्वारा एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है।

जीविका दीदियां ब्लॉक और पंचायत स्तर पर घर-घर जाकर उन व्यवसायों का निरीक्षण कर रही हैं, जिन्हें महिलाओं ने पहली किस्त (10,000 रुपये) का उपयोग करके स्थापित किया है। वे यह सत्यापित कर रही हैं कि क्या वह व्यवसाय वास्तव में चल रहा है और क्या योजना के फंड का उपयोग उसके निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया गया है। ऐसे सभी विवरणों को मोबाइल एप्लिकेशन में सावधानीपूर्वक दर्ज किया जा रहा है। दूसरी किस्त के लिए पात्रता का निर्धारण इसी विस्तृत डेटा के आधार पर किया जाएगा।

दूसरी किस्त (20,000 रुपये) केवल उन्हीं महिलाओं को दी जाएगी, जिन्हें इस मैपिंग प्रक्रिया के दौरान सक्रिय उद्यमी के रूप में पहचाना और नामित किया जाएगा। इसके अलावा, योजना के नियमों के अनुसार, लाभार्थियों को अपने व्यवसायों को अगले स्तर तक ले जाने में मदद करने के लिए, अपने संबंधित उद्यमों में अपनी पूंजी से अतिरिक्त 5,000 रुपये का निवेश करना भी अनिवार्य है।

Mahila Rojgar Yojana: 20,000 पाने के लिए करें यह काम

अगर आप दूसरी किस्त पाना चाहती हैं, तो आपको पहली किस्त में मिले रुपयों का इस्तेमाल कोई उद्यम शुरू करने के लिए करना होगा। आप अपनी व्यावसायिक गतिविधि से जुड़ी पूरी जानकारी जीविका ऐप में दर्ज कराएं। यह भी सुनिश्चित करें कि स्थानीय स्तर (पंचायत/प्रखंड) पर सत्यापन पूरा हो गया हो। इसके अलावा जरूरी ट्रेनिंग में हिस्सा लें। इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही 20,000 की राशि आपके खाते में जमा की जाएगी।

चूड़ी, राशन और सिलाई में सबसे अधिक रुचि

मैपिंग प्रक्रिया के दौरान एक उत्साहजनक बात सामने आई है। बिहार की ग्रामीण महिलाएं छोटे पैमाने के उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। पहली किस्त का उपयोग करके, इन महिलाओं ने कई तरह की गतिविधियां शुरू की हैं। ग्रामीण इलाकों में, बड़ी संख्या में महिलाओं ने छोटी किराना दुकानें और नाश्ते की दुकानें खोली हैं। इसके अलावा, सिलाई मशीनें खरीदकर, महिलाएं अपने ही गांवों में कपड़े सिलकर आय अर्जित कर रही हैं। बकरी पालन और मुर्गी पालन में भी महिलाओं की भागीदारी में काफी वृद्धि देखी गई है।

शहरी महिलाओं के लिए 31 मार्च की समय सीमा

इस योजना के तहत, 1.81 करोड़ महिलाओं को पहली किस्त पहले ही मिल चुकी है। जहां ग्रामीण इलाकों में यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, वहीं शहरी इलाकों में लगभग 11 लाख महिलाएं अभी भी अपनी पहली किस्त का इंतजार कर रही हैं। नगर विकास विभाग वर्तमान में सत्यापन प्रक्रिया चला रहा है, जिसका लक्ष्य 31 मार्च, 2026 तक सभी पात्र शहरी महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये की राशि जमा करना है।

5 किस्तों में मिलेगा कुल 2.10 लाख का लाभ

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Mahila Rojgar Yojana) केवल 30,000 रुपये तक ही सीमित नहीं है, बल्कि, यह एक व्यापक रूपरेखा है जिसे महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके तहत कुल 2,10,000 की राशि पांच किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त के रूप में 10,000 की राशि पहले ही मिल चुकी है। 20,000 की दूसरी किस्त अप्रैल के आखिर या मई की शुरुआत में जारी की जानी है। इसके बाद 40,000 की तीसरी किस्त, 80,000 की चौथी किस्त और आखिर में ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग में मदद के लिए 60,000 की पांचवीं किस्त जारी की जाएगी।

ट्रेनिंग भी चल रही

सरकार सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं दे रही है। वह महिलाओं को बिजनेस मैनेजमेंट की बारीकियां भी सिखा रही है। हर ब्लॉक में महिलाओं के लिए खास ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि वे अपने छोटे-मोटे बिजनेस को सफल ब्रांड में बदल सकें।