
गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के पिलर का टूटा हिस्सा (फोटो- वीडियो ग्रैब)
बिहार के भागलपुर जिले की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर एक बड़े हादसे की आहट सुनाई देने लगी है। गंगा नदी की तेज धाराओं और वर्षों से रखरखाव की भारी कमी के कारण, पुल के पिलर नंबर 17, 18 और 19 के चारों ओर बनी सुरक्षा दीवारें ढह गई हैं, जिससे पिलरों की मजबूती पर सीधा असर पर रहा है। पिलर नंबर 18 की स्थिति सबसे भयावह है, जहां कंक्रीट का सुरक्षा घेरा पूरी तरह गंगा की लहरों में समा चुका है। ऐसे में, अब उन लाखों लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है जो हर दिन इस पुल से गुजरते हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि 2016 के बाद से इस महत्वपूर्ण पुल पर किसी भी तरह की तकनीकी मरम्मत नहीं की गई है। हाल के दिनों में केवल विक्रमशिला सेतु का रंग-रोगन कर इसकी बाहरी चमक बढ़ाई गई, जबकि अंदरूनी ढांचा लगातार कमजोर होता रहा। पुल के स्पैन (हिस्सों) के बीच लगे एक्सपेंशन जॉइंट्स का गैप 1 इंच से बढ़कर 6 इंच तक हो गया है। जब भी पुल से ज्यादा वजन वाले ट्रक गुजरते हैं, तो पूरा पुल कांपने लगता है, जिससे यात्रियों में लगातार दहशत बनी रहती है।
करीब 4.7 किलोमीटर लंबे इस पुल से रोजाना 25 हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी गाड़ियां गुजरती हैं, जबकि कुल मिलाकर एक लाख से अधिक लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इतनी भारी ट्रैफिक लोड के बावजूद पुल की नियमित तकनीकी मरम्मत नहीं होना चिंता का विषय बन गया है।
प्रोटेक्शन वॉल का मुख्य काम पिलर की नींव को पानी के सीधे रगड़ और दबाव से बचाना होता है। जब यह दीवार टूट जाती है, तो गंगा का तेज बहाव सीधे मुख्य पिलर से टकराता है, जिससे नींव के नीचे की मिट्टी कटने का डर रहता है। आने वाले मानसून और गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से यह खतरा कई गुना तक बढ़ सकता है। ऐसे में अगर सही समय पर मरम्मत नहीं हुई तो विक्रमशिला सेतु खतरे में पर सकती है।
सोशल मीडिया पर पुल के क्षतिग्रस्त खंभों का एक वीडियो वायरल होने के बाद, भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तुरंत पुल निर्माण विभाग की तकनीकी टीम को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया है। DM ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है और जांच के लिए एक तकनीकी टीम भेजी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यालय को सूचित किया जाएगा और जल्द ही जरूरी मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
भागलपुर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इस पुल का उद्घाटन 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था। हालांकि, 25 साल बाद अब यह पुल समय से पहले ही कमजोर होता दिख रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन बस किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रहा है, उनका कहना है कि पिलर के चारों ओर बनी सुरक्षा दीवारों को हुए नुकसान के बारे में काफी समय से शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं।
Published on:
20 Mar 2026 07:35 pm
बड़ी खबरें
View Allपटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
