
रामकृपाल यादव (X)
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ सियासत के गलियारों में भी हलचल मचा दी है। फिल्म में एक खास किरदार 'आतिफ अहमद' को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच बिहार के कृषि मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता राम कृपाल यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने फिल्म के उस किरदार का खुलकर समर्थन किया है, जिसे उत्तर प्रदेश के दिवंगत माफिया से नेता बने अतीक अहमद से प्रेरित माना जा रहा है।
शुक्रवार (20 मार्च 2026) को मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि फिल्मों का मूल उद्देश्य समाज की सच्चाई को जनता के सामने लाना है। उन्होंने अतीक अहमद का जिक्र करते हुए कहा, 'असल में जो फिल्म बनती है, वह मूल रूप से समाज में घटित होने वाली घटनाओं का चित्रण करता है और उसे लोगों तक पहुंचाता है, परोसता है। अतीक अहमद सांसद थे। वे मेरे साथ संसद में थे और मैंने उन्हें बहुत अच्छे से देखा। उनको तो अच्छी तरह से जानता भी हूं। तो ठीक किया है, फिल्म को लोगों ने सराहा है, उसके टिकट तो ब्लैक से बिक रहे हैं।'
रामकृपाल यादव ने फिल्म की सफलता के लिए फिल्म के निर्माता, निर्देशक और अभिनेता सहित पूरी टीम को शुभकामनाएं भी दी।
आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अभिनेता सलीम सिद्दीकी ने आतिफ अहमद का किरदार निभाया है, जिसे अतीक अहमद से प्रेरित माना जा रहा है। इस किरदार को लेकर खासा विवाद इसलिए भी हो रहा है क्योंकि फिल्म में इस किरदार के कई दृश्य असल जिंदगी के अतीक अहमद की घटनाओं से मेल खाते हैं।
फिल्म में एक सीन है जहां आतिफ अहमद टीवी पर नोटबंदी की खबर देख रहा होता है, जो अतीक अहमद के असली वीडियो जैसा ही प्रभावी बताया जा रहा है। फिल्म में माफिया के आखिरी पलों को दिखाया गया है, जहां वह अपने बेटे के जनाजे में शामिल नहीं हो पाता और अचानक गोलियों की गड़गड़ाहट के बीच उसकी कहानी खत्म हो जाती है।
फिल्म के साथ-साथ राम कृपाल यादव ने राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव के कोलकाता दौरे पर भी जमकर हमला बोला। हाल ही में हुए राज्य सभा चुनाव 2026 में महागठबंधन की करारी हार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, 'कोलकाता में तेजस्वी का ससुराल है और वे ससुराल से ज्यादा प्रेम रखते हैं। बिहार में जब भी वे चुनाव हारते हैं, तो राज्य छोड़कर भाग जाते हैं।'
राम कृपाल ने आगे कहा, 'तेजस्वी यादव रणछोड़ हैं। राज्य सभा चुनाव में अपने विधायकों को भी एकजुट नहीं रख पाए और हार के बाद ममता बनर्जी के पास चले गए। जो खुद हारा हुआ हो, वह दूसरों को क्या ताकत देगा? वहां पर ममता जी भी लोगों के मन मिजाज से उतर चुकी हैं। बिहार में जो हाल राजद का हुआ बंगाल में वही हाल तृणमूल कांग्रेस का होगा।'
Updated on:
20 Mar 2026 05:46 pm
Published on:
20 Mar 2026 05:46 pm
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