
सांकेतिक तस्वीर। फोटो -(AI Generated)
बिहार परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों को निर्देश दिया है कि वे एक महीने के भीतर अपनी गाड़ियों से जाति से जुड़े शब्द, वाक्यांश या स्टिकर हटा लें। इस संबंध में विभाग ने शुक्रवार को सख्त आदेश जारी किया है। आदेश का पालन न करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
विभाग ने वाहन मालिकों को स्वयं ऐसे शब्दों और स्टिकरों को हटाने के लिए जून के पहले सप्ताह तक की समय सीमा निर्धारित की है। इस अवधि के बाद राज्य भर में ट्रैफिक पुलिस द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 177 के तहत 500 रुपये तथा धारा 179 के तहत 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों को निर्देश दिया है कि यदि वे कानूनी कार्रवाई से बचना चाहते हैं, तो बिना किसी देरी के इस आदेश का पालन करें।पूरे देश में वाहनों पर जाति से जुड़े शब्द या स्टिकर लगाने की प्रथा आम है, और बिहार सरकार का यह कदम सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है। राज्य भर में जिला परिवहन अधिकारियों (DTOs) को इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश दिया गया है। वहीं राज्य परिवहन आयुक्त ने सभी DTOs को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
इस बीच, बिहार ने अपने ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्य 500 से 700 प्रमुख चौराहों और दुर्घटना संभावित सड़कों पर ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ITMS) लगाने की तैयारी कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है।
बिहार राज्य मंत्रिमंडल ने AI-आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को मंजूरी दे दी है। इसके तहत पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे प्रमुख शहरों के मुख्य चौराहों पर कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे ‘रियल-टाइम वीडियो एनालिटिक्स’ के जरिए लाल बत्ती उल्लंघन, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाने और हेलमेट न पहनने जैसे नियम उल्लंघनों की पहचान करेंगे।
इस परियोजना में भारत और विदेश की लगभग 42 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। ट्रैफिक नियमों के पालन के अलावा, इस सिस्टम में फेशियल रिकग्निशन तकनीक के उपयोग की भी संभावना है, जिससे बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करने में मदद मिलेगी और कानून-व्यवस्था एजेंसियों को आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों पर नजर रखने में सहायता मिलेगी।
शुरुआती चरण में 1,000 से अधिक कैमरे लगाने की योजना है, जो लगातार निगरानी के लिए एक केंद्रीय राज्य कमांड सेंटर से जुड़े होंगे। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अपने-आप ई-चालान जारी किए जाएंगे, जिससे यातायात नियमों का तेज़ और प्रभावी तरीके से अनुपालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
Updated on:
08 May 2026 11:42 pm
Published on:
08 May 2026 11:39 pm
बड़ी खबरें
View Allपटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
