
बिहार में खड़ी पैसेंजर ट्रेन में लगी आग (Video Screenshot)
Indian Railways Fire: देश के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में ट्रेनों में आग लगने की जो घटनाएं सामने आई हैं, वे कोई सामान्य तकनीकी खराबी या महज हादसा नहीं थीं, बल्कि उनके पीछे असामाजिक तत्वों की साजिश थी। इस बात का खुलासा खुद रेल मंत्रालय ने किया है। मंगलवार को हावड़ा स्टेशन पर खड़ी हावड़ा-रक्सौल मिथिला एक्सप्रेस के जनरल कोच में लगी आग की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को ट्रेन के टॉयलेट से पेट्रोल में भीगा हुआ एक अधजला कपड़ा बरामद हुआ है, जो सीधे तौर पर सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है।
मंगलवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर हावड़ा से रक्सौल जाने वाली मिथिला एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 13021) प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी और कुछ ही पलों में उसे रक्सौल के लिए रवाना होना था। ट्रेन के जनरल कोच में यात्री अपनी सीटों पर बैठ चुके थे कि तभी अचानक एलएस सेकंड क्लास कोच के टॉयलेट से धुएं का काला गुबार निकलने लगा। देखते ही देखते बोगी में धुआं फैल गया और यात्रियों का दम घुटने लगा। ट्रेन के भीतर अचानक लगी आग और धुएं को देखकर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। अपनी जान बचाने के लिए यात्री खिड़कियों और दरवाजों से कूद-कूदकर प्लेटफॉर्म की तरफ भागने लगे।
ट्रेन में आग लगने और यात्रियों में मची भगदड़ की भनक लगते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान, जीआरपी और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। रेलवे के सतर्क कर्मचारियों ने बिना वक्त गंवाए दो फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया और टॉयलेट में धधक रही आग को पूरी तरह बुझा दिया। कर्मचारियों की इस त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के कारण एक बहुत बड़ा रेल हादसा होने से टल गया और किसी भी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं आई।
आग बुझने के बाद जब आरपीएफ और सुरक्षा एजेंसियों ने बोगी के टॉयलेट एरिया की सघन तलाशी ली, तो वहां से एक ऐसा सबूत मिला जिसने रेलवे अधिकारियों को सन्न कर दिया। जांच टीम को टॉयलेट के कोने से पेट्रोल में पूरी तरह डूबा हुआ एक अधजला कपड़ा मिला। इसी कपड़े में आग लगाकर पूरी बोगी को स्वाहा करने की कोशिश की गई थी।
रेल मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान के मुताबिक, गहन जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों में ट्रेनों को निशाना बनाने के लिए एक ही खतरनाक पैटर्न पर काम किया जा रहा है। जांचकर्ताओं ने नोट किया कि मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12431) के बी-1 कोच में जो भीषण आग लगी थी, उसकी शुरुआत भी सुबह करीब 5:15 बजे इसी तरह बोगी के टॉयलेट से हुई थी, जिसमें 68 यात्रियों की जान बाल-बाल बची थी।
इसके अलावा, राजस्थान के कोटा में भी राजधानी एक्सप्रेस के टॉयलेट से ही आग की लपटें उठनी शुरू हुई थीं। वहीं राजस्थान के ही अमरपुरा स्टेशन के पास एक संदिग्ध शख्स द्वारा ट्रेन के बेडरोल (लेनिन) में आग लगाने का प्रयास पकड़ा गया था। बिहार के सासाराम स्टेशन पर भी खड़ी एक खाली बोगी में बिना किसी पावर जनरेटर या शॉर्ट सर्किट के अचानक आग भड़क उठी थी, जिसके पीछे किसी बाहरी तत्व द्वारा जलती हुई वस्तु या केमिकल फेंकने की प्रबल आशंका जताई जा रही है।
Updated on:
20 May 2026 04:46 pm
Published on:
20 May 2026 04:43 pm
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