बिहार के सहरसा में बड़ी कार्रवाई: बैजनाथपुर चौक के समीप एक संदिग्ध वाहन दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखकर वाहन चालक द्वारा भागने का प्रयास किया गया, लेकिन… नीचे पढ़े पूरी खबर।
Saharsa Codeine Cough Syrup Trafficking: बिहार के सहरसा में पुलिस की कार्रवाई ने उन तस्करों की नींद उड़ा दी है, जो नशे की काली कमाई में डूबे बैठे थे। बैजनाथपुर चौक के पास एक संदिग्ध कार जैसे ही पुलिस की नजर में आई, चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया।
जब पुलिस ने कार की डिक्की खोली तो हर कोई दंग रह गया। बोरे के अंदर से 126 लीटर अवैध कोडीन युक्त कफ सीरप बरामद हुआ, जो न सिर्फ एक बड़ी तस्करी का खुलासा है बल्कि नशे के बढ़ते नेटवर्क का भी सबूत है। त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने कार में सवार दो तस्करों को दबोच लिया।
सहरसा के साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि जिले में नशे का कारोबार रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सौरबाजार की तरफ से एक सफेद टाटा बलेनो कार में भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सीरप लाया जा रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने NH-107 पर बैजनाथपुर चौक के पास वाहन की तलाश शुरू की। तभी एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस को देखते ही ड्राइवर ने गाड़ी भगाने की कोशिश की, लेकिन टीम ने तुरंत पीछा कर कार को रोक लिया। कार में दो लोग बैठे थे, पूछताछ में उन्होंने अपना नाम सौरव कुमार और संदीप कुमार बताया।
जब पुलिस ने कार की तलाशी ली तो सीट और डिक्की से पांच पीले बोरे और दो कार्टून मिले। इन्हें खोलने पर 126 लीटर कोडीन युक्त कफ सीरप पाया गया, जो NDPS एक्ट के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है।
जांच में पता चला कि दोनों आरोपी मधेपुरा जिले के सिंघेश्वर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। साथ ही, सौरव कुमार पर चोरी और लूट के केस पहले से दर्ज हैं, जबकि संदीप कुमार शराबबंदी कानून में पकड़ा जा चुका है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की छानबीन कर रही है।