मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यभार संभालते ही बिहार का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से सक्रिय हो गया। शुक्रवार की सुबह राज्य के विभिन्न जिलों की जेलों में एक साथ छापेमारी की गई।
Bihar Police Raid:बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही जेलों के भीतर से चलने वाले क्राइम सिंडिकेट पर प्रहार शुरू हो गया है। गुरुवार देर रात और शुक्रवार तड़के बिहार के जमुई, भागलपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, बेतिया, औरंगाबाद, गोपालगंज, छपरा और सीवान सहित कई अन्य जिलों की जेलों में जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से सघन छापेमारी की। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।
सीतामढ़ी मंडल कारा में हुई छापेमारी सबसे अधिक चर्चा में रही। यहां डीएम रिची पांडेय और एसपी अमित रंजन ने खुद मोर्चा संभाला। तलाशी के दौरान जेल के विभिन्न वार्डों से कुछ संदिग्ध कागजात बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जेल में बंद कुख्यात अपराधियों को चिह्नित कर उन्हें जल्द ही उच्च सुरक्षा वाली केंद्रीय कारा में शिफ्ट किया जाएगा ताकि उनका नेटवर्क ध्वस्त किया जा सके।
मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में जिला अधिकारी सुब्रत सेन और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में 200 से अधिक पुलिस जवानों ने हर बैरक की तलाशी ली। अचानक हुई इस कार्रवाई से कैदियों में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, मोतिहारी सेंट्रल जेल में डीएम सौरभ जोरवाल और एसपी स्वर्ण प्रभात ने गहन जांच की। हालांकि इन दोनों जगहों से कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला, लेकिन अधिकारियों ने जेल मैनुअल का सख्ती से पालन करने और सुरक्षा में कोताही बरतने पर जेलर को कड़ी फटकार लगाई।
छपरा में डीएम और एसपी ने कई घंटों तक जेल के भीतर समय बिताया और कैदियों के साथ-साथ जेल कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी। सीवान में छापेमारी के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी कैदी मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग न कर सके। छपरा में भी देर रात औचक निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
गोपालगंज के चनावे मंडल कारा में भी एसडीएम अनिल कुमार के नेतृत्व में बैरकों और कैदियों के सामान की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि यह रेड जेल के भीतर अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए की गई थी। हालांकि, इस रेड के दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला, लेकिन छापेमारी की वजह से जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल था।
भागलपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा सह महिला मंडल कारा में भी आज सुबह छापेमारी की गई। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में कई अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने जेल परिसर के भीतर मौजूद हर एक कोठरी और बैरक की गहन तलाशी ली। इस छापेमारी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई।
प्रशासन ने अपराधियों को संभलने का मौका न देते हुए अलग-अलग समय पर वार किया। बेतिया में जहां आधी रात के बाद रेड हुई, वहीं औरंगाबाद में सुबह 5 बजे जब अधिकांश बंदी सो रहे थे, तब भारी पुलिस बल ने जेल परिसर को घेर लिया।