पटना

RJD ने नीतीश को बताया अचेत और बेसुध, JDU ने तेजस्वी को जोकर; सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग

Bihar Politics: सोशल मीडिया पर RJD और जेडीयू के बीच जंग छिड़ गई है। जहां RJD मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मानसिक स्वास्थ्य पर हमला करते हुए उन्हें "बेसुध और पागल" कह रही है, वहीं जेडीयू ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को "9वीं फेल और जोकर" कहा है।

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Feb 11, 2026
सोशल मीडिया पर छिड़ी जदयू और राजद के बीच जंग

Bihar Politics: बिहार विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच तीखी नोकझोंक के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। RJD और तेजस्वी यादव लगातार मुख्यमंत्री पर हमला कर रहे हैं, वहीं जेडीयू भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अब दोनों पार्टियों की बयानबाजी सड़क से सोशल मीडिया पर आ गई है, इस बहस के केंद्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव हैं। दोनों पार्टियों के ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीखी, पर्सनल और बहुत ज्यादा आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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राजद ने मुख्यमंत्री को बनाया निशाना

राजद की ओर से लगातार कई पोस्ट किए गए जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर महिलाओं के सम्मान को लेकर सवाल खड़े किए गए। एक पोस्ट में लिखा गया कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा पूर्व महिला मुख्यमंत्री के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग राज्य की माताओं-बहनों का अपमान है। दूसरे पोस्ट में कहा गया कि मुख्यमंत्री “मानसिक रूप से अस्वस्थ” हैं और उनके व्यवहार के विरोध में विधायकों ने विधानसभा और परिषद परिसर में नारेबाजी की।

राजद ने यह नैरेटिव भी बनाया कि अगर शीर्ष नेतृत्व की भाषा ऐसी होगी तो अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा। कुछ पोस्ट में पुलिस व्यवस्था पर भी निशाना साधते हुए कहा गया कि जब सत्ता का रवैया ही आक्रामक है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। एक अन्य पोस्ट में दावा किया गया कि विपक्ष जब अपराध, बलात्कार या कानून-व्यवस्था पर सवाल पूछता है, तब जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमले किए जाते हैं।

अब पढ़िए राजद द्वारा किए गए पोस्ट…

  • संवैधानिक पद पर बैठ महिलाओं के लिए अश्लील बातें करने वाला बिहार का बुड्ढा लड़का लोफर है।
  • अचेत, बेसुध और मानसिक रूप से विक्षिप्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी जी के लिए अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने पर का बिहार की मताओं और बहनों द्वारा मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया।
  • बिहार विधानसभा के मुख्य द्वार पर मानसिक रूप से बीमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निरंतर आपत्तिजनक आचरण और बयानों के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल के माननीय विधायकों ने की नारेबाजी!
  • महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करने वाले पागल मुख्यमंत्री को कुर्सी छोड़ देना चाहिए।
  • भाजपा नीतीश सरकार में किसी को न्याय नहीं मिल सकता, यह तय है! जब विपक्ष द्वारा सरकार से सवाल किया जाता है तब नीतीश कुमार बदतमीजी पर उतर जाते हैं! अगर नीतीश कुमार का मानसिक स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा है तो कुर्सी छोड़ क्यों नहीं देते?

जदयू का काउंटर अटैक

जदयू ने जवाब देने में एक पल की देरी नहीं की। पार्टी के पोस्ट में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अतीत, उनके परिवार और भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र प्रमुखता से किया गया। एक पोस्ट में कहा गया कि जो लोग खुद गंभीर आरोपों में रहे हैं, वे अब नैतिकता की दुहाई दे रहे हैं। कई पोस्ट में उनकी शिक्षा और राजनीतिक परिपक्वता पर भी कटाक्ष किया गया। लिखा गया कि जब तर्क खत्म हो जाते हैं तो गाली शुरू हो जाती है।

एक वीडियो पोस्ट के साथ यह संदेश दिया गया कि शिष्टाचार पर भाषण देने वालों को पहले अपनी पार्टी के पुराने व्यवहार पर नजर डालनी चाहिए। जदयू का जोर इस बात पर रहा कि मुख्यमंत्री सुशासन की राजनीति के प्रतीक हैं, जबकि विपक्ष ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

अब पढिए जदयू द्वारा किए गए पोस्ट...

  • जिसने बिहार को लूटा, हजारों करोड़ के घोटाले किए, नौकरी के नाम पर जमीनें लिखवाई, शिल्पी - गौतम कांड कराया, वो बिहार के नायक को गाली दे रहा, जनता माफ नहीं करेगी!
  • 9वीं फेल से और क्या ही उम्मीद रखे बिहार। जो शख्स भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा हो, हमेशा कोर्ट में हाजिरी लगाने के लिए खड़ा रहता हो। ऐसे जोकर के पास कोई तर्क नहीं होता तो वह पिता की उम्र के प्रदेश के शीर्ष संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को गाली देने लगता है। बिहार के लोगों ने इस नवमी फेल को उनकी जगह दिखा दी है, फिर भी यह गलतफहमी के घोड़े पर सवार है।
  • राजद का 9वीं फेल नेता मुख्यमंत्री जी पर जिस भाषा में टिप्पणी कर रहा है, उसे पूरा बिहार देख रहा है।
  • एक तरफ नीतीश कुमार जी सुशासन की राजनीति के मजबूत प्रतीक हैं, दूसरी तरफ तेजस्वी कुशासन की राजनीति करते-करते वैसी ही आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है। ऐसे ही अहंकारपूर्ण बोली के चलते जनता ने तेजस्वी को उनकी जगह तो दिखा ही दी, अब इनका समूल नाश तय है।

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