सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
Bihar Politics: सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता ने बिहार में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। बिहार में बीजेपी लंबे समय से एनडीए गठबंधन के तहत सत्ता में सहयोगी रही है, लेकिन यह पहला अवसर है जब पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है। सम्राट चौधरी बिहार के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री होंगे। सम्राट चौधरी के साथ जदयू कोटे के दो डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी ने भी शपथ ली।
भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक में उन्हें मंगलवार को नेता चुना गया था। इसके बाद आज (15 अप्रैल) को पटना स्थित बिहार लोक भवन में एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस नई सरकार में भाजपा और जदयू के बीच सत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए एक विशेष फार्मूला के तहत दो डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी ने भी शपथ ली।
सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राज्य सभा सदस्य नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, JD(U) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह), केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, RLM के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और LJP के सांसद अरुण भारती शामिल थे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जदयू कोटे के दोनों उपमुख्यमंत्री—विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी—के बीच एक दिलचस्प समानता है। सम्राट चौधरी आरजेडी, हम पार्टी और जदयू से होते हुए बीजेपी में पहुंचे हैं। इसी तरह विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव भी जदयू में आने से पहले अन्य दलों में रह चुके हैं।
विजय कुमार चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, जिसके बाद वे जदयू में शामिल हुए। वहीं, विजेंद्र यादव ने 1990 में तत्कालीन जनता दल के टिकट पर चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। 1991 में वे लालू प्रसाद यादव की सरकार में ऊर्जा राज्य मंत्री बने। 1997 में जनता दल के विभाजन के बाद वे शरद यादव के साथ अलग हो गए और तब से जदयू में सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दो उपमुख्यमंत्री—विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव—के शपथ लेने के बाद राज्य मंत्रिमंडल में 33 पद खाली रह गए हैं। सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद सम्राट मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।