Bihar Politics: तेजस्वी यादव ने शनिवार को महागठबंधन की हुई बैठक में नेता प्रतिपक्ष चुने गए। इस बैठक में सदन में विपक्ष की संख्या भले ही कम है, लेकिन जनहित के मसले पर मजबूती से सदन में उठाएंगे।
Bihar Politics आरजेडी नेता तेजस्वी यादव 18वीं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे। महागठबंधन के विधायक दल की बैठक में शनिवार को इस पर मुहर लग गई। तेजस्वी यादव के सरकारी आवास, पोलो रोड पर शनिवार को हुई बैठक में आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के विधायकों ने तेजस्वी को अपना नेता चुना। इस बैठक में तय हुआ कि विपक्ष की संख्या कम है, लेकिन जनहित के मुद्दों पर वह सदन में मजबूती से आवाज़ उठाएगा।
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस बार सदन में विपक्ष की संख्या 35 है। इसमें आरजेडी के 25 विधायक, कांग्रेस के 6 विधायक और वाम दलों के 4 विधायक हैं। महागठबंधन ने तय किया है कि कम संख्या के बावजूद जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया जाएगा और सरकार को इन मुद्दों पर कठघरे में खड़ा किया जाएगा। माले विधायक अजय कुमार ने बताया कि विपक्ष संगठित होकर सरकार की गलत नीतियों का सदन से लेकर सड़क तक विरोध करेगा और हमेशा रचनात्मक विरोध करेगा। आरजेडी के भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का विरोध पूरी मजबूती से किया जाएगा; संख्या कम है, पर मनोबल कम नहीं है।
महागठबंधन की बैठक से पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दिल्ली से पटना पहुंचते ही पार्टी के सभी विधायकों के साथ एक समीक्षा बैठक कर फीडबैक लिया। तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर हुई इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, इस समीक्षा बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी हार के कारणों को समझने के लिए पिछले कई दिनों से चर्चा कर रही है। तीन प्रमंडल की समीक्षा में 300 से अधिक हार के कारण सामने आए हैं और तेजस्वी यादव फीडबैक के आधार पर जीते हुए विधायकों से बात कर सकते हैं।