पटना

क्रिमिनल सिंडिकेट है लालू यादव का पूरा परिवार… लैंड फॉर जॉब मामले में आरोप तय होते ही BJP का करारा हमला

Land for Job Case: जमीन के बदले नौकरी घोटाले में लालू यादव परिवार के खिलाफ आरोप तय होने के बाद बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने तो यह तक कह दिया कि पूरा लालू यादव परिवार एक क्रिमिनल सिंडिकेट चलाता है।
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Jan 09, 2026
land for job case
राबड़ी देवी, लालू यादव और तेजस्वी यादव (फोटो- लालू यादव फेसबुक)

Land For Job Case: दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और परिवार के दूसरे सदस्यों के खिलाफ लैंड फॉर जॉब मामले में भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं। जिसके बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। अदालत के फैसले के तुरंत बाद भाजपा ने तीखा हमला बोला और लालू परिवार को 'क्रिमिनल सिंडिकेट' तक कह डाला। कोर्ट के इस आदेश से इस हाई-प्रोफाइल मामले में ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है।

भाजपा का करारा हमला

कोर्ट के आदेश के बाद, बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूरा लालू यादव परिवार एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम करता है और आज के कोर्ट के फैसले ने यह साबित कर दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय किए हैं। ये लोग भ्रष्टाचार के जरिए बेहिसाब दौलत जमा करने के लिए राजनीति को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।

नीरज कुमार ने कहा, "लालू यादव की प्रॉपर्टी पूरे देश में फैली हुई है और मैं मांग करता हूं कि उनकी विदेशी संपत्तियों की भी जांच की जाए। इस परिवार ने पूरे बिहार राज्य को लूटा है, बिहार सरकार के खजाने को लूटा है, बिहार के लोगों का पैसा लूटा है, और गरीबों को लूटा है। इसीलिए बिहार की जनता ने इस परिवार को उसकी सही जगह दिखा दी है और उन्हें सिर्फ 25 सीटों तक सीमित कर दिया है।"

तेजस्वी पर कसा तंज

नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव एक पार्ट-टाइम नेता हैं। वह सिर्फ कोर्ट के आदेश की वजह से बिहार आए हैं, नहीं तो वह अभी भी विदेश में छुट्टियां मना रहे होते। नीरज कुमार ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले ने साबित कर दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है। भारत का कानून सर्वोच्च, श्रेष्ठ और सबके लिए समान है। चाहे कोई बड़ा आदमी हो या छोटा आदमी, कानून सबके लिए बराबर काम करता है।

कोर्ट ने क्या कहा?

लैंड फॉर जॉब मामले में स्पेशल जज विशाल गोगने की कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रॉसिक्यूशन द्वारा पेश किए गए सबूत पहली नजर में यह साबित करते हैं कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचने के तरीके से काम किया। कोर्ट ने आरोपियों द्वारा दायर डिस्चार्ज की याचिका खारिज कर दी। इस आदेश के साथ ही ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

मामला क्या है?

यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच केंद्रीय रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप D की नौकरियों के बदले लालू यादव के परिवार और उनके साथियों के नाम पर कुछ परिवारों से बहुत कम कीमतों पर जमीन के प्लॉट हासिल किए गए। CBI ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि ये प्रॉपर्टी ज्यादातर कैश ट्रांजैक्शन के जरिए ट्रांसफर की गईं। मामले में अगली सुनवाई 29 जनवरी को होनी है।

CBI और ED कर रही जांच

CBI का आरोप है कि देश के अलग-अलग रेलवे जोन में जमीन के बदले नौकरी देने के लिए एक नेटवर्क बनाया गया था। ED इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। पटना में जमीन ट्रांसफर और बिचौलियों की भूमिका के बारे में भी जांच चल रही है।

Updated on:
31 Mar 2026 05:10 pm
Published on:
09 Jan 2026 01:34 pm