बिहार विधानसभा सचिवालय को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया है। इस ईमेल में विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। जिसके बाद पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
Bihar News:बिहार की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह बिहार विधानसभा को एक बार फिर आतंकवादियों द्वारा निशाना बनाए जाने की धमकी मिली है। शुक्रवार सुबह विधानसभा सचिवालय को एक ईमेल मिला जिसमें धामाके और जहरीली गैस लीक के बारे में चेतावनी दी गई थी। इस खुफिया जानकारी के बाद सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है और परिसर के हर कोने-कोने में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
यह धमकी भरा ईमेल neeraja_gandhi@outlook.com नाम की एक ID से भेजा गया था। इसमें एक चेतावनी देते हुए कहा गया कि बिहार विधानसभा भवन के अंदर साइनाइड गैस से भरे 13 RDX IED धमाके के लिए तैयार हैं। धमाके होने से पहले सभी विधायकों और आम जनता को तुरंत परिसर से बाहर निकालें। ईमेल भेजने वाले ने दावा किया कि वह तमिल लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन से जुड़ा है।
ईमेल में पुलिस सुधारों की मांग की गई है। इसमें चेतावनी दी गई है कि यह धमाका उन राजनेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (IPS) के लिए एक सबक होगा जो निचले रैंक के पुलिस कर्मियों पर गैर-कानूनी आदेशों को पूरा करने के लिए दबाव डालते हैं।
धमकी मिलने के बाद, पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें तुरंत बिहार विधानसभा परिसर पहुंचीं, जहां सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा व्यवस्था न केवल विधानसभा में बल्कि पटना सिविल कोर्ट परिसर में भी बढ़ा दी गई है, क्योंकि वहां भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और हर कोने-कोने की बारीकी से जांच की जा रही है।
विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की टीमें लगातार पूरे परिसर की छानबीन कर रही हैं। अब तक किसी भी तरह की कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, तलाशी अभी भी जारी है।
सबसे अहम सवाल अभी भी बना हुआ है कि आखिर यह धमकी भरा ईमेल किसने भेजा? सुरक्षा एजेंसियां इस समय ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं। साइबर टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है और वह अपराधी की पहचान करने तथा उसे पकड़ने के प्रयास में तकनीकी विश्लेषण का सहारा ले रही है।
पटना सिविल कोर्ट को पहले भी कई मौकों पर बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हाल ही में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद यह उम्मीद जगी थी कि ऐसी घटनाएं अब रुक जाएंगी।