
Bihar News: राजधानी पटना में बुधवार को दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां PMCH के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. सौरव कुमार की जान महज एक सेकेंड की दूरी पर बची। जैसे ही उन्होंने कार का इंजन स्टार्ट किया, कुछ ही पलों में गाड़ी आग के गोले में बदल गई। अगर डॉक्टर एक पल भी देर कर देते, तो यह हादसा बड़ा रूप ले सकता था।
घटना पीएमसीएच के बाहर जेपी गंगा पथ पर हुई, जहां डॉक्टर सौरव अपनी गाड़ी स्टार्ट कर घर बोरिंग रोड की ओर निकलने ही वाले थे। इंजन ऑन करते ही उन्हें कार के भीतर से कुछ अजीब-सा जलने जैसा गंध आया। शक होते ही उन्होंने तुरंत बाहर कूदने का फैसला किया। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला और बाहर निकले, उसी क्षण पूरी गाड़ी धधक उठी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार में लगी आग से इतनी भीषण लपटें उठीं कि लगभग 30 फीट ऊंचा काला धुआं पूरे PMCH परिसर में फैल गया। पलभर में अस्पताल के बाहर अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर वाहनों की कतार लग गई और गंगा पाथ पर लगभग 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सूत्रों की मानें तो कार में डीज़ल लीक हो रहा था, जो इंजन स्टार्ट होते ही भभक गया।
डॉ. सौरव की कार के ठीक पीछे एक सरकारी क्रेटा गाड़ी खड़ी थी, जिस पर भारत सरकार का चिन्ह लगा हुआ था। आग की तीव्रता देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उस गाड़ी की खिड़की तोड़ी, गियर को न्यूट्रल में डाला और कार को पीछे हटाकर दूसरी बड़ी दुर्घटना होने से बचाया। अगर यह फैसला कुछ सेकेंड देर से लिया जाता, तो दोनों गाड़ियां जलकर खाक हो सकती थीं।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और आग को काबू में लिया। पुलिस ने तुरंत इलाके को खाली कराया और ट्रैफिक को डायवर्ट किया। फायर ब्रिगेड की टीम का प्राथमिक अनुमान है कि कार में अचानक डीज़ल लीक होने से आग लगी। हालांकि वास्तविक कारणों की जांच जारी है।