
Chirag Paswan on Neha Bora: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नेहा बोरा के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण महिलाओं, ब्राह्मणवाद और सनातन धर्म के बारे में नेहा बोरा ने जिस आपत्तिजनक तरीके से अपनी बात रखी, वह समाज को बांटने वाली राजनीति को दर्शाता है। चिराग ने इसकी तुलना अंग्रेजों की 'फूट डालो और राज करो' की नीति से की।
चिराग पासवान ने कहा कि यह स्वीकार करना होगा कि 21वीं सदी में भी जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं। हालांकि, नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे इतिहास से ऐसे उदाहरण सामने रखें, जो समाज को जोड़ने का संदेश देते हों, न कि लोगों के बीच विभाजन पैदा करें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे लोग सत्ता परिवर्तन का समर्थन भी करते हैं। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सेना का दुरुपयोग करके सत्ता परिवर्तन कराया जाता है। चिराग ने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस ऐसी सोच रखने वाले लोगों को अपना चेहरा बनाती है, तो पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह ऐसा समाज और देश चाहती है, जहां लोग आपस में लड़ें या फिर सद्भाव और भाईचारे के साथ रहें।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा के बयान को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहा बोरा की टिप्पणी राहुल गांधी के राजनीतिक विचारों से प्रभावित है और कांग्रेस का पूरा राजनीतिक इकोसिस्टम हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देता है। भंडारी ने यह भी दावा किया कि नेहा बोरा बांग्लादेश के इस्लामिक कट्टरपंथियों से प्रभावित हैं।
प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाला विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से सरकार का विरोध करने के बजाय अराजकता और हिंदुओं के प्रति नफरत फैलाने की राजनीति कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष कई मुद्दों पर इसलिए चुप्पी साध लेता है, क्योंकि उसे अपना वोट बैंक प्रभावित होने का डर रहता है।