Bihar Politics: सोमवार को बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। लोजपा (रा.) के विधायकों ने राजद MLA द्वारा रामविलास पासवान को लेकर की गई टिप्पणी का जबरदस्त विरोध किया।
Bihar Politics: बिहार विधानसभा के बजट सेशन का 10वां दिन सोमवार को जबरदस्त हंगामे की भेंट चढ़ गया। मुद्दा था दिवंगत नेता रामविलास पासवान के बारे में की गई एक टिप्पणी। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायकों ने इसे सम्मान और भावना का मामला बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। नारेबाजी, पोस्टर और तीखी बहस के बीच सदन देखते ही देखते जंग के मैदान में बदल गया। "RJD की पहचान, दलितों का अपमान" जैसे नारों से सदन गूंज उठा और सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया।
जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प हो गई। विवाद की वजह RJD MLA कुमार सर्वजीत का बयान था, जिसमें उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के लिए "बेचारा" शब्द का इस्तेमाल किया था। LJP(R) के विधायकों ने सड़क से लेकर सदन तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और RJD नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ नारे लगाए।
LJP(R) के MLA राजू तिवारी ने RJD पर हमला करते हुए कहा कि रामविलास पासवान का 50 साल का बेदाग पॉलिटिकल करियर रहा है। उन्हें "बेचारा" कहना न सिर्फ उनका अपमान है बल्कि पूरे दलित समुदाय की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाता है। MLA ने सदन परिसर में पोस्टर लहराए जिन पर लिखा था, "फेलस्वी के गुंडों का गैंग उन लोगों का अपमान कर रहा है जिन्होंने दलितों को सम्मान दिलाया।"
इस बीच, RJD MLA भाई वीरेंद्र ने विपक्ष का बचाव करते हुए कहा कि "बेचारा" शब्द में कुछ भी गलत नहीं है और सरकार जानबूझकर असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने चिराग पासवान की पार्टी द्वारा तेजस्वी यादव का पुतला जलाने पर भी एतराज जताया और कहा कि RJD आज सदन में "करो या मरो" के मूड में है।
हंगामे के दौरान चिराग पासवान के MLA सदन के अंदर नारे लगाने लगे। इस बीच, विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए MLA बेबी कुमारी ने RJD को चुनौती देते हुए कहा, "आज वो 25 सीटें जीत कर आए हैं, लेकिन इस घमंड का नतीजा ये होगा कि वो अगली बार जीरो पर आउट हो जाएंगे। हम 19 विधायक काफी हैं, RJD के आगे झुकने वाले नहीं हैं।"
पोर्टिको में घंटों तक चले विरोध प्रदर्शन और सदन के अंदर हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार रुकी। स्पीकर के MLA को शांत करने के बाद ही औपचारिक कार्यवाही आगे बढ़ सकी। सत्ताधारी पार्टी अब इस मुद्दे पर विपक्ष से बिना शर्त माफी की मांग कर रही है।