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अनंत सिंह और आनंद मोहन से भी पंगा ले चुके हैं अमिताभ दास, NEET छात्रा केस से फिर चर्चा में आए पूर्व IPS कौन?

पूर्व IPS ऑफिसर अमिताभ दास एक बार फिर NEET छात्रा केस में अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने विवादित दावे किए हैं। अपने रिटायरमेंट के बाद से, उन्होंने मंत्रियों से लेकर बाहुबलियों तक के बारे में सनसनीखेज दावे किए हैं।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 16, 2026

अमिताभ दास

पटना में NEET छात्रा के रेप और मौत के मामले में सोशल मीडिया पर किए गए दावों के बाद पूर्व IPS ऑफिसर अमिताभ दास एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामला सेंसिटिव है और कोई भी अनवेरिफाइड जानकारी जांच को खतरे में डाल सकती है। यह भी आरोप है कि रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपने पर्सनल लेटरहेड पर भारत सरकार के ऑफिशियल एंबलम और अपने पदनाम का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, उन्होंने बड़े नेताओं से लेकर मंत्रियों तक, सभी के खिलाफ कई सनसनीखेज दावे भी किए।

अमिताभ दास कौन?

मूल रूप से मधुबनी के रहने वाले अमिताभ दास बिहार कैडर के 1994 बैच के पूर्व IPS ऑफिसर हैं, जो अपने पुलिस करियर से ज्यादा अपने विवादित बयानों और सरकारों के खिलाफ लिखी गई चिट्ठियों के लिए चर्चा में रहे हैं। बिहार के कई जिलों में सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) के तौर पर काम करने वाले अमिताभ दास का करियर अनुशासनहीनता और विभागीय जांचों से भरा रहा है।

पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी के रहने वाले अमिताभ दास की शुरुआती पढ़ाई दरभंगा में हुई, जहां से 1984 में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा दी और जिला टॉपर रहें। इसके बाद उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की, फिर दरभंगा से ग्रेजुएशन किया और वहीं UPSC एग्जाम की तैयारी की।

दावा नंबर 1: मंत्रियों तक पहुंचती थीं लड़कियां

फरवरी 2022 में, अमिताभ दास ने पटना शहर के गाय घाट पर महिला रिमांड होम के बारे में एक ऐसा दावा किया जिसने नीतीश कुमार सरकार की नींव हिला दी। उन्होंने गवर्नर को एक लेटर लिखा, जिसमें दावा किया गया कि रिमांड होम की कुछ लड़कियों ने उन्हें बताया था कि बिहार सरकार के चार मंत्रियों को रिमांड होम से लड़कियां सप्लाई की जा रही थीं। उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की।

दावा नंबर 2: अनंत सिंह और AK-47 मिस्ट्री

अमिताभ दास ने तब एक नया विवाद खड़ा कर दिया जब बाहुबली अनंत सिंह के घर से एक AK-47 बरामद हुई। अगस्त 2019 में, अमिताभ दास ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए DGP को एक लेटर लिखा, जिसमें कहा गया कि उन्होंने 10 साल पहले (2009 में) अनंत सिंह के घर पर हथियारों का जखीरा होने की सूचना दी थी, इस वजह से अनंत सिंह उनकी हत्या करा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के करीबी होने के कारण तब पुलिस मुख्यालय ने उनकी रिपोर्ट पर कोई एक्शन नहीं लिया था।

दावा नंबर 3: आनंद मोहन के खिलाफ कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के आरोप

मई 2023 में अमिताभ दास ने पूर्व सांसद बाहुबली आनंद मोहन को जेल से रिहा करने के खिलाफ कैंपेन चलाया। उन्होंने दावा किया कि आनंद मोहन ने उन्हें मारने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाहुबली ने अपने गुर्गों को "अमिताभ दास को जी. कृष्णैया (दिवंगत डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट जिन्हें आनंद मोहन की भीड़ ने मार डाला था) तक पहुंचाने" का आदेश दिया था। दास ने इस मामले को लेकर पटना हाई कोर्ट में एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन भी फाइल की।

दावा नंबर 4: मंत्री लेशी सिंह के ठिकाने पर हथियार मिले

फरवरी 2021 में, अमिताभ दास ने बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह के खिलाफ भी कैंपेन चलाया। उन्होंने DGP को एक लेटर लिखकर दावा किया कि लेशी सिंह के ठिकाने पर AK-47, AK-56 और SLR जैसे एडवांस्ड हथियार छिपे हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लेशी सिंह अब अपने स्वर्गीय पति बूटन सिंह के क्रिमिनल गैंग की इंचार्ज हैं और उनके पास ये हथियार हैं। उन्होंने पुलिस को यह तक सुझाव दिया था कि पुलिस के लेशी सिंह के ठिकानू पर छापेमारी करनी चाहिए।

उतार-चढ़ाव से भरा रहा है करियर

अमिताभ दास का पुलिस करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, जिसमें सफलताओं से ज्यादा विवाद और कानूनी लड़ाई रहीं। 4 सितंबर 1994 को बिहार कैडर के IPS ऑफिसर के तौर पर अपनी सर्विस शुरू वाले अमिताभ दास देवघर, लखीसराय और किशनगंज जैसे जिलों के एसपी रहे, लेकिन उनका सफर कभी आसान नहीं रहा।

2007 में, जमुई (BMP-11) के कमांडेंट के तौर पर काम करते हुए, उन पर अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगे, जिससे डिपार्टमेंटल एक्शन शुरू हुआ और उनके करियर की रफ्तार रुक गई। जहां उनके बैचमेट IG और उससे ऊपर के रैंक तक पहुंच गए, वहीं अमिताभ दास लगभग 10 साल तक बिना प्रमोशन के SP के रैंक पर ही अटके रहे।

2018 में किए गए रिटायर

अमिताभ दास का करियर कोर्ट और हेडक्वार्टर के साथ झगड़ों से भरा रहा, यहां तक की 2006 में उन पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप तक लगा। एक महिला ने आरोप लगाया कि उसने शादी का झूठा वादा करके लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया। आखिरकार, अगस्त 2018 में केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंज़ूरी मिलने के बाद उन्हें रिटायर कर दिया गया। रिटायरमेंट के बाद भी, विवाद उसका पीछा करते रहे। उन्होंने 'क्रांतिकारी न्याय पार्टी' बनाकर बिहार पुलिस और सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया।