
प्रियरंजन भारती की रिपोर्ट...
(पटना): एनडीए में सीट बटवारा तय फॉर्मूले के फॉर्मेट में होना अभी आसान नहीं लग रहा है। भाजपा नेतृत्व ने जदयू को साफ बता रखा है कि पहले रामविलास पासवान की लोजपा से बात फाइनल कर ले। दरअसल दोनों ही दल कम से कम पांच सीटों पर दावेदारी कर रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में लोजपा की जीती हुई सीटों पर गठबंधन का नया हिस्सा बने जदयू बढ़चढ़कर दावे कर रहा है। भाजपा नेतृत्व को इसीलिए यह संदेश जदयू को देना पड़ा है।जदयू ने नालंदा सीट लोजपा को हराकर जीत ली थी। हार जीत का अंतर मात्र दस हजार का ही रहा। लोजपा ने हिस्से की सात सीटों में इसे ही गंवा या था। बाकी मुंगेर, खगड़िया,जमुई,हाजीपर,वैशाली और समस्तीपुर में उसने शानदार जीत दर्ज़ की थी।
जदयू की नज़र नालंदा, मुंगेर,वैशाली और खगड़िया पर टिकी है। नालंदा की सीटिंग सीट होने के कारण लोजपा इसे जदयू के लिए छोड़ने को तैयार है। लेकिन मुंगेर पर दोनों दलों में रार है।जदयू के राजीवरंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को हराकर बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा सिंह यहां से विजयी हुई थीं। वीणा सिंह को एनडीए गंवाना नहीं चाहता। हालांकि लोजपा से उनके सिर्फ तकनीकी रिश्ते भर ही कायम हैं। जदयू के ललन सिंह नीतीश कुमार के सबसे निकटस्थ भरोसेमंद साथी और बिहार सरकार में जल संसाधन मंत्री हैं।
वैशाली और गगड़िया पर भी जदयू की दावेदारी है। वैशाली के सांसद रामाकिशोर सिंह और खगड़िया के महबूब अली कैसर कांग्रेस के संपर्क में भी हैं। लोजपा ये सीटें जदयू के लिए छोड़ने को इसी शर्त पर तैयार है कि बदले में मिलने वाली अनूकूल सीटों के नाम जदयू पहले बता दे।लोजपा में अब पुराना दौर खत्म हो चुका है और नये दौर की कमान रामविलास पासवान के सांसद पुत्र चिराग पासवान के हाथों है जो प्रैक्टिकल होकर कोई निर्णय में माहिर हैं। पार्टी जीतने योग्य अनुकूल सीटें जदयू कसे अदलाबदली करने के बाद ही भाजपा को ओके करेगी। इसके बाद ही जदयू और भाजपा में निर्णायक बातचीत हो सकेगी।
रालोसपा भी लगातार आक्रामक
रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा को भाजपा से नहीं जदयू अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ज्यादा खुन्नस है। वह भाजपा नेतृत्व के लगातार संपर्क में हैं। हालांकि पार्टी के कुछ नेता आरजेडी से भी बात कर रहे हैं। वहां रालोसपा को मनमाफिक सीटें मिल जाएंगी। हालांकि उपेंद्र कुशवाहा अभी एनडीए में बने रहना चाहते हैं। यही वज़ह है कि वह भाजपा नेतृत्व के सघन संपर्क में रहते हुए वह नीतीश पर आक्रामक बने रहते हैं।
कुछ सीटों पर भाजपा दूसरों को उतारेगी
जहानाबाद समेत कई सीटों पर भाजपा दूसरे दलों के लोगों को अपना बनाकर उतारने की तैयारी में है। जहानाबाद से सांसद अरूण कुमार रालोसपा से अलग होकर अलग गुट बना चुके हैं। ये भाजपा में शामिल होकर पार्टी उम्मीदवार के बतौर ही चुनाव लड़ने वाले हैं।कीर्ति आजाद की दरभंगा, हुकुमदेव नारायण यादव की मधुबनी और शत्रुघ्न सिन्हा की पटना साहिब सीटों पर भी भाजपा को नये चेहरों की तलाश है।