
खान सर की कोचिंग अचानक हुई बंद
Khan Sir Coaching: पटना के सबसे बड़े एजुकेशन हब मुसल्लहपुर हाट और किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस में शुरू हुए कोचिंग विवाद में हर दिन कुछ नया हो रहा है। सोमवार को कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद 'ज्ञानबिंदु जीएस एकेडमी' के डायरेक्टर रोशन आनंद को जमानत मिल गई। इसके तुरंत बाद खान सर के 'खान ग्लोबल स्टडीज़' को अचानक बंद कर दिया गया। क्लास के लिए आए सैकड़ों छात्र कोचिंग बंद होने की वजह से परेशान दिखे।
ज्ञानबिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद को जमानत मिलने की खबरों के बीच खान सर के कोचिंग इंस्टिट्यूट 'खान ग्लोबल स्टडीज़' के मैनेजमेंट ने अचानक छात्रों को उनके मोबाइल फोन और कोचिंग ऐप के ज़रिए एक नोटिस भेजा। नोटिस में छात्रों को बताया गया कि कोचिंग सेंटर को फिलहाल बंद किया जा रहा है। जो छात्र इस अचानक लिए गए फैसले से अनजान होकर सेंटर पहुंचे थे, वे बंद गेट देखकर निराश हो गए।
कोचिंग के पास खड़े एक छात्र ने कहा, "कोचिंग में सुबह से बहुत सारे बच्चे आ रहे हैं। नोटिस शायद ऐप पर आई हुई थी, जो बच्चे नहीं देख पाए हैं वो लगातार कोचिंग आ रहे हैं। दोनों ही शिक्षक हैं, इन सब मामलों में दोनों को नहीं रहना चाहिए। हम छात्रों को इससे बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है और हमारा सिलेबस काफी पीछे हो रहा है। यह कॉन्ट्रोवर्सी अब जल्द से जल्द खत्म होनी चाहिए। दोनों सर अपनी-अपनी जगह बहुत अच्छे हैं, लेकिन टीचर को ऐसी कॉन्ट्रोवर्सी में नहीं पड़ना चाहिए। छात्र यही चाहते हैं कि यह सब जल्दी खत्म हो और कोचिंग सब अच्छे से अपने टाइम से चलने लगे।"
अदालत में चली लंबी कानूनी बहस के बाद आखिरकार सोमवार को ज्ञानबिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद की जमानत याचिका मंजूर हो गई। सुनवाई के बाद अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने केस डायरी देखने के बाद यह माना कि रोशन आनंद पर सिर्फ साजिश रचने का आरोप है, वे घटना के वक्त मौके पर मौजूद नहीं थे। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों को सख्त लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि शिक्षकों को शिक्षकों की तरह ही आचरण करना चाहिए। प्रतियोगिता हमेशा स्वस्थ होनी चाहिए, उसमें आपराधिक व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है।
रोशन आनंद के वकील निरंजन कुमार सिंह ने पुलिस के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा, "हम वकील हैं, जब हम कोई केस हाथ में लेते हैं, तो हमें उसके नतीजे के बारे में 90% यकीन होता है। इस मामले में पुलिस ने बिना किसी ठोस आधार के नए कानून के तहत BNS की धारा 109 (साजिश) जबरदस्ती लागू कर दी। इसके अलावा, पुलिस ने एक ही घटना के लिए दो अलग-अलग FIR दर्ज कीं, पहली एक 2 जून को और दूसरी 4 जून को, जो कानूनी तौर पर पूरी तरह गलत है।"
Updated on:
15 Jun 2026 12:34 pm
Published on:
15 Jun 2026 12:33 pm
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