रोशन आनंद के वकील निरंजन कुमार सिंह ने पुलिस के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा, "हम वकील हैं, जब हम कोई केस हाथ में लेते हैं, तो हमें उसके नतीजे के बारे में 90% यकीन होता है। इस मामले में पुलिस ने बिना किसी ठोस आधार के नए कानून के तहत BNS की धारा 109 (साजिश) जबरदस्ती लागू कर दी। इसके अलावा, पुलिस ने एक ही घटना के लिए दो अलग-अलग FIR दर्ज कीं, पहली एक 2 जून को और दूसरी 4 जून को, जो कानूनी तौर पर पूरी तरह गलत है।"