
NDA Politics in Bihar बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) सीट को लेकर एनडीए में सियासी खींचतान तेज हो गई है। उपेंद्र कुशवाहा के समर्थकों द्वारा पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान मंत्री दिलीप जायसवाल के लिखित सहमति पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के बाद जायसवाल ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह पत्र केवल विधानसभा चुनाव के दौरान सीटों के तालमेल और सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे के संदर्भ में जारी किया गया था। उस समय केंद्रीय नेतृत्व की ओर से कुछ शर्तें तय की गई थीं, जिनके आधार पर विधायक और विधान परिषद सीटों को लेकर चर्चा हुई थी।
उन्होंने बताया कि बाद में बदलते राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजा गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या विधान परिषद की एक सीट के बदले उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजा गया था, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना था कि जब यह फैसला लिया गया, तब वह इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थे। जायसवाल ने आगे कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस संबंध में सही जानकारी केवल केंद्रीय नेतृत्व ही दे सकता है।