पटना

मां-बाप ने 10 दिन पहले भेजा हॉस्टल, आज मिली लाश! बिहार में 5 साल के छात्र की गला रेतकर हत्या

जहानाबाद में एक स्कूल के हॉस्टल में 5 साल के छात्र की मौत हो गई। परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि चाकू से गला रेतकर बच्चे की हत्या की गई है, जबकि स्कूल प्रशासन इस घटना को हादसा बता रहा है। आक्रोशित लोगों ने NH-22 को जाम कर प्रदर्शन किया।

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Apr 06, 2026
मासूम बच्चे की फ़ाइल फोटो और प्रदर्शन करते परिजन

Bihar News: बिहार के जहानाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां करौना थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल के हॉस्टल में 5 साल के UKG के छात्र आशु कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या की गई है। उसका गला रेता गया और उसके शरीर पर कई बार चाकू से वार किए गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और गुस्साए लोगों ने नेशनल हाईवे-22 को जाम कर दिया है।

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10 दिन पहले आया था हॉस्टल

मृतक आशु करौना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बुचाकी बीघा के रहने वाले धनंजय कुमार का इकलौता बेटा था। उसे बेहतर शिक्षा दिलाने की चाह में उसके परिवार ने निजी हॉस्टल में महज 10 दिन पहले ही उसका दाखिल कराया था। सोमवार सुबह करीब 6:00 बजे हॉस्टल प्रबंधन ने परिवार को फोन करके बताया कि बच्चे की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई है और उनसे तुरंत आने का आग्रह किया। जब परेशान हाल परिवार के सदस्य हॉस्टल पहुंचे, तो मासूम बच्चे की हालत देखकर वे पूरी तरह से टूट गए।

गर्दन, पेट और आंखों पर चाकू के घाव

आशु के पिता धनंजय कुमार और उसके मामा राहुल कुमार ने बताया कि जब उन्होंने बच्चे को देखा, तो उसकी गर्दन पर गहरे निशान थे, जो किसी धारदार हथियार से किए गए हमले की ओर इशारा कर रहे थे। इसके अलावा मासूम बच्चे की आंखों और पेट पर भी चाकू से वार किए गए थे। घबराहट में, उसे पहले एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और उसके बाद पटना ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाते हुए कहा है कि यह कोई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि हॉस्टल परिसर के अंदर की गई एक सोची-समझी हत्या थी।

NH-22 पर भारी हंगामा

जैसे ही मासूम बच्चे की मौत की खबर गांव पहुंची, स्थानीय लोग और परिवार के सदस्य गुस्से से भड़क उठे। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने पटना-गया नेशनल हाईवे (NH-22) को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और प्रदर्शन किए, जिसमें उन्होंने स्कूल प्रबंधन की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

हॉस्टल का स्टाफ फरार

जिस हॉस्टल में यह घटना हुई, वो एक तीन-मंजिला इमारत में चलता था जिसमें 100 से ज्यादा बच्चे रहते थे। घटना के बाद हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हॉस्टल में रह रहे दूसरे छात्रों के माता-पिता तुरंत अपने बच्चों को ले जाने के लिए मौके पर पहुंच गए, जबकि हॉस्टल का स्टाफ मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर दिया है।

हॉस्टल इंचार्ज हिरासत में

सूचना मिलने पर जहानाबाद SDPO मनीष चंद्र चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उत्तेजित भीड़ को शांत करने के लिए उनसे बातचीत की और सड़क पर लगे जाम को हटवाने में मदद की। पुलिस ने हॉस्टल इंचार्ज को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

मनीष चंद्र चौधरी ने बताया कि परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि मौत किसी धारदार हथियार से हुए जानलेवा घाव के कारण हुई है, जबकि हॉस्टल प्रबंधन का दावा है कि यह ऊंचाई से गिरने का मामला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत का असली कारण रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ हो पाएगा। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

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