
(पत्रिका ब्यूरो,पटना): मुजफ्फरपुर बालिका गृह में यौन शोषण के मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आखिरकार अपनी लंबी चुप्पी तोड़ ही दी। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच के लिए वे तैयार हैं। सीएम ने कहा कि जिसने भी यह पाप किया उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा।
कानून से नहीं होने दूंगा कोई समझौता
मुख्यमंत्री ने कन्या उत्थान योजना का उद्घाटन करते हुए शुक्रवार को यहां कहा कि जब तक मैं कुर्सी पर हूं तब तक कानून से कोई समझौता नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में मुझे पीड़ा और तकलीफ है। बिहार बहुत शर्मसार हुआ है। उन्होंने सिस्टम में सुधार की जरूरत बताई ।कहा कि ऐसी व्यवस्थ होनी चाहिए जहां सबकुछ पारदर्शी हो। नीतीश कुमार ने कहा कि वे इस मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच को तैयार हैं। इसके लिए मुख्यसचिव दीपक कुमार को निर्देश दे रखा है कि जो भी आवश्यक कदम हो,वे उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मैं स्वयं इस मामले की हर जानकारी ले रहा हूं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बालिका गृह मामले को लेकर चुप्पी विपक्ष के लिए मुद्दा बन गई थी। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को ट्वीट कर चुप्पी पर तंज कसे थे। वामदलों के बिहार बंद के दौरान विपक्ष ने सरकार से इस्तीफे की मांग कर डाली।
जांच की आंच पड़ी तो सरकार ने किया अलग थलग
सीबीआई जांच की रफ्तार बढ़ी तो सरकार ने भी मामले के मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर के सेवा संकल्प और विकास समिति को काली सूची में डालने की कार्रवाई कर दी। इसी संस्था के जिम्मे स्वधार गृह समेत अन्य गृहों की के संचालन की जिम्मेदारी थी ।समाज कल्याण विभाग ने इसके सारे अनुबंध रद्द कर इसे काली सूची में डाल दिया।स्वास्थ्य विभाग ने भी ब्रजेश की संस्था को एड्स निवारण से जुड़े कार्यक्रमों के संचालन के क़रार खत्म कर उसे ब्लैकलिस्टेड कर दिया।सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने भी ब्रजेश की सरकारी मान्यता समाप्त करते हुए उसके अखबार को दिया जाने वाला विज्ञापन बंद कर उसे काली सूची में डाल दिया।समाज कल्याण विभाग ने ब्रजेश की संस्था से विभाग के संबंद्धों से जुड़े कागजात और उन कर्मियों तथा अधिकारियों की सूची सीबीआई की टीम को सौंपी जो उसके प्रति अधिक रूचि दिखाते रहे हैं।
ज़ब्त कंप्यूटर में राज तलाश रही सीबीआई
सीबीआई की अनुसंधान टीम मुजफ्फरपुर स्वधार गृह से जब्त किये गये कंप्यूटर के हार्डडिस्क से उसके राज खंगालने में जुट गई है।पहले पुलिस ने उसे ज़ब्त कर लिया था।उसमें सेवा संकल्प और विकास समिति से जुड़े कई राज छिपे बताए जा रहे हैं।सीबीआई को उम्मीद है कि आरोपियों के पुख्ता साक्ष्य इसमें मिल सकते हैं।
दो आरोपी अब भी गिरफ्तारी से दूर
बालिका गृह कांड के खुलासे के 64 दिनों बाद भी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष और प्रोमोटर मधु कुमारी उर्फ साजिस्ता परवीन पुलिस की पकड़ से बाहर है। दोनों पर आरोप है कि बालिका गृह की बच्चियों के साथ गलत काम में ये लाइनर थे। मधु ब्रजेश ठाकुर के बेहद करीबी थीऔर उसकी शादी से पूर्व ही वह उसके संपर्क में आ गई थी और राजदार बन गई।मधु धीरे धीरे ब्रजेश के इतनी करीब हो गई कि उसने अखबार समेत उसके सारे कामकाज का संचालन करने की बागडोर संभाल ली।शादी के तीन साल में ही पति से अलग हो गई मधु ब्रजेश के मार्फत सरकारी विभागों के बाबुओं की भी खास बन गई थी।पुलिस को भरोसा है कि उसकी गिरफ्तारी से कई अहम सबूत मिल सकते हैं।
गायब दो लड़कियों का सुराग नहीं
बालिका गृह से गायब लड़कियों की तलाश में गाजियाबाद और इटावा गई पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा है। पुलिस दस्ते को गायब तीन लड़कियों का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। तीन गायब लड़कियों के पते का भी पुलिस सत्यापन नहीं कर पाई है।