पटना

बिहार के कई अफसरों की पत्नियां उनसे ज्यादा रईस, किसी के पास किलो भर सोना, तो किसी का बेंगलुरु-दिल्ली में फ्लैट

IAS-IPS Net Worth: बिहार सरकार में तैनात शीर्ष रैंक के IAS और IPS अधिकारियों ने अपनी चल और अचल संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक कर दिया है। कई अधिकारियों के पास अपनी तुलना में अपनी पत्नियों के नाम पर अधिक संपत्तियां दर्ज है। 

6 min read
Apr 01, 2026
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार

IAS-IPS Net Worth:बिहार सरकार के आदेशों का पालन करते हुए, राज्य के IAS और IPS अधिकारियों ने अपनी चल और अचल संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक कर दिया है। मंगलवार देर रात जारी की गई इस जानकारी से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनमें सबसे खास बात यह है कि बिहार के कई शीर्ष अधिकारियों के पास उनकी पत्नियों की तुलना में कम संपत्ति है। जहां अधिकारियों के पास खुद नकद के रूप में केवल कुछ हजार रुपये हैं, वहीं पत्नियों के नाम पर करोड़ों रुपये के निवेश, शेयर और जेवरात हैं।

ये भी पढ़ें

मुजफ्फरपुर मर्डर मिस्ट्री का खुलासा: अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर रहा था प्रेमी, इंकार करने पर मारी गोली

मुख्य सचिव के पास एक पुरानी कार, पत्नी के पास भारी निवेश

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के पास सिर्फ 15,400 रुपये नकद है, जबकि उनके बैंक खातों (SBI और HDFC में) में कुल मिलाकर लगभग 5.5 लाख जमा हैं। उनके पास एक काफी पुरानी मारुति एस्टीम कार है। गहनों के मामले में, उनके पास सिर्फ 20 ग्राम सोना है। हालांकि, उनकी पत्नी उनसे काफी ज्यादा अमीर हैं। उनके पास लगभग 970 ग्राम सोना और 3 किलोग्राम चांदी के गहने हैं। इसके अलावा, उनके नाम पर SBI PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) खाते में 3.15 करोड़ की एक बड़ी रकम जमा है।

अचल संपत्तियों की बात करें तो, प्रत्यय अमृत के पास मुजफ्फरपुर के थाना काजी इलाके में 1.2 कट्ठा 14 धुर का एक जमीन का टुकड़ा है, जिसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये है, इस जमीन में उनके भाई-बहनों का भी हिस्सा है। इसके अलावा, उनके पास गुरुग्राम में 1,500 वर्ग फीट का एक फ्लैट है, जिसकी कीमत 16.79 लाख रुपये बताई गई है।

DGP के पास कोई नकद नहीं, लेकिन नोएडा में एक घर

बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP), विनय कुमार अपने पास कोई नकद नहीं रखते हैं। हालांकि, उनके बैंक में बचत खाते और टर्म डिपॉजिट मिलाकर 32.55 लाख रुपये जमा हैं। उनके पास लगभग 25 लाख रुपये का सोना और 1.15 लाख रुपये की चांदी है। इक्विटी फंड में हर महीने 2,000 निवेश करने के अलावा, वे हर महीने LIC का 10,000 रुपये का प्रीमियम भी भरते हैं।

जहां तक गाड़ियों की बात है, उनके पास एक i10 कार है। उन्होंने नोएडा के आम्रपाली सैफायर कॉम्प्लेक्स में 44 लाख का लोन लेकर एक फ़्लैट खरीदा है। वहीं, डीजीपी की पत्नी के नाम पर बिहटा में 3,020 वर्गफीट की कीमती जमीन रजिस्टर्ड है।

एसीएस गृह के पास अपनी कार नहीं, पत्नी के पास हीरों का हार

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) अरविंद कुमार चौधरी की जीवनशैली बेहद सादगी भरी दिखती है। उनके पास अपनी कोई निजी कार नहीं है और हाथ में महज 52 हजार रुपये नकद हैं। उनके पास कोई व्यावसायिक जमीन या मकान भी नहीं है। हालांकि, उनकी पत्नी निवेश के मामले में काफी आगे हैं। जहां अरविंद चौधरी के पास मात्र 4.84 लाख का सोना है, वहीं उनकी पत्नी के पास 37.25 लाख रुपये का सोना और 6.21 लाख रुपये की हीरे की ज्वेलरी है।

सीएम के सचिवों से ज्यादा अमीर उनके ओएसडी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तीनों प्रमुख सचिवों की तुलना में उनके ओएसडी (OSD) डॉ. गोपाल सिंह कहीं अधिक संपन्न नजर आते हैं। डॉ. गोपाल सिंह के पास कुल 5.89 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है, जिसमें उनकी पैतृक और संयुक्त संपत्तियां भी शामिल हैं। उनके पोर्टफोलियो में 3.83 करोड़ रुपये की चल और 2.06 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है।

इसके विपरीत, मुख्यमंत्री के सचिवों में कुमार रवि की कुल संपत्ति 2.91 करोड़ रुपये है, जिसमें उनके पास 8.38 एकड़ कृषि और आवासीय भूमि है। वहीं, सचिव अनुपम कुमार की कुल संपत्ति लगभग 2.89 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें उनकी पत्नी (जो स्वयं एक आईएएस अधिकारी हैं) के नाम पर बेंगलुरु में दो फ्लैट शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि अनुपम कुमार के पास नकद के रूप में मात्र 5,000 रुपये ही हैं। तीसरे सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की कुल संपत्ति 2.22 करोड़ रुपये है, जिसमें उनके पास 1375 ग्राम सोना होने की जानकारी दी गई है, जो उन्हें रिश्तेदारों से उपहार स्वरूप प्राप्त हुआ है।

सहकारिता सचिव के पास दो गाय और दो बछड़ा

संपत्ति के विवरण में कुछ अधिकारियों के शौक भी सामने आए हैं। सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह के पास अचल संपत्ति के रूप में कैमूर में 15 एकड़ जमीन है। उन्होंने अपनी संपत्ति में दो गाय और दो बछड़ा होने की जानकारी दी है। उनके पास 20 हजार नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के नाम पर 83.5 लाख रुपये जमा हैं।

बिहार से बाहर इन अधिकारियों की संपत्ति

कई अधिकारियों ने बिहार के बाहर फ्लैट ले रखें हैं। जिसमें मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार का मुख्य निवेश बेंगलुरु में है, जहां उनकी पत्नी के नाम पर दो आलीशान फ्लैट्स दर्ज हैं। वहीं, सचिव अभय कुमार सिंह ने देश की राजधानी के वीवीआईपी इलाके दिल्ली के बसंतकुंज में अपना आशियाना बनाया है।

दिल्ली से सटे एनसीआर में कई अफसर के निवेश हैं। डीजीपी विनय कुमार का नोएडा के आम्रपाली सैफायर में फ्लैट है, जबकि डीजी कुंदन कृष्णन ने गुरुग्राम के प्रीमियम सेगमेंट में 3-BHK फ्लैट में निवेश किया है। इसके अलावा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत का भी गुरुग्राम में अपना फ्लैट है और राजस्व सचिव सीके अनिल ने दक्षिण भारत के हैदराबाद में प्रॉपर्टी खरीदी है।

अन्य अधिकारियों की संपत्ति

  • दिवेश सेहरा (सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग) : ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव दिवेश सेहरा के परिवार के पास कुल 560 ग्राम सोना है। उनकी कुल संपत्ति 90.67 लाख रुपये बताई गई है, जिसमें 20.67 लाख चल और 70 लाख अचल संपत्ति शामिल है।
  • कुंदन कृष्णन (डीजी, अभियान सह विशेष शाखा): कुंदन कृष्णन के पास बैंक में 47 लाख रुपये जमा हैं। उन्होंने शेयर बाजार में 24.29 लाख रुपये का निवेश किया है, उन्होंने म्यूचूअल फंड और एलआईसी में भी पैसे इन्वेस्ट किए हैं। कुंदन कृष्णन ने अपनी डॉक्टर पत्नी के साथ मिलकर गुरुग्राम में एक शानदार 3-BHK फ्लैट भी खरीदा है।
  • रॉबर्ट एल चोंगथू (प्रधान सचिव, राज्यपाल): ये बिहार के सबसे रईस अधिकारियों में से एक हैं, जिनकी कुल संपत्ति 11.02 करोड़ रुपये है। इनके पास 5.25 करोड़ की चल और 5.77 करोड़ की अचल संपत्ति है। इनके पास मारुति अर्टिगा, ब्रेजा और एक रॉयल एनफील्ड बुलेट बाइक भी है।
  • पंकज पाल (सचिव, पथ निर्माण): इनकी कुल संपत्ति 10.43 करोड़ रुपये घोषित की गई है। इसमें 6.28 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 4.15 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है, जो इन्हें राज्य के सबसे संपन्न सचिवों की श्रेणी में खड़ा करती है।
  • एन. विजयलक्ष्मी (अपर मुख्य सचिव): योजना विभाग की अपर मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी की कुल संपत्ति 4.49 करोड़ रुपये है। इनके पास सवा किलो (1250 ग्राम) जेवर हैं, लेकिन साथ ही इन पर सवा करोड़ रुपये का कर्ज भी दर्ज है।
  • वंदना प्रेयषी (सचिव, समाज कल्याण विभाग): इनकी कुल संपत्ति 2.20 करोड़ (अचल) है। इनके पति शहाब आलम के नाम 3.03 करोड़ से अधिक की चल संपत्ति है।
  • रवींद्रण शंकरण (महानिदेशक, खेल प्राधिकरण): इनकी कुल संपत्ति 2.91 करोड़ रुपये है। कोयंबटूर में मकान और पटना-गाजियाबाद में फ्लैट हैं। परिवार के पास 611 ग्राम सोना है।
  • कुंदन कुमार (सचिव, उद्योग विभाग): इनकी कुल संपत्ति 3.34 करोड़ रुपये है। पति, पत्नी और बच्चों के नाम कुल 1000 ग्राम (1 किलो) की ज्वेलरी है।
  • मो. सुहैल (सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण): इनकी चल संपत्ति 58.14 लाख है। इनके पास 5.76 कट्ठा जमीन, 428 ग्राम सोना और 1200 ग्राम चांदी है।
  • दीपक आनंद (सचिव, श्रम संसाधन): इनकी कुल संपत्ति 4.45 करोड़ रुपये (अचल)। इनके पास विरासत और पैतृक संपत्ति है।
  • मनोज कुमार (सचिव, पंचायती राज): इनकी कुल संपत्ति 3.52 करोड़ रुपये की है। इनकी पत्नी के नाम पटना और मुजफ्फरपुर के P&M मॉल में तीन दुकानें हैं।
  • डॉ. बी. राजेन्दर (अपर मुख्य सचिव, शिक्षा): इनकी चल संपत्ति 31.75 लाख है। तेलंगाना में 4.94 एकड़ जमीन और 250 ग्राम गोल्ड है।
  • लोकेश कुमार सिंह (सचिव, स्वास्थ्य विभाग): इनकी चल संपत्ति 2.58 करोड़ है। इनके पास 6 एकड़ कृषि भूमि है।
  • अजय कुमार (सचिव, मद्यनिषेध): कुल चल संपत्ति 14.44 लाख है। पत्नी के नाम 2.18 डिसमिल जमीन और 85 ग्राम सोना है।
  • संतोष कुमार मल्ल (प्रधान सचिव, जल संसाधन): कुल संपत्ति 6.43 करोड़ रुपये है। इनके पास 1.78 किलो सोना और छपरा में साढ़े तीन बीघे से ज्यादा जमीन है।
  • संजय कुमार सिंह (सचिव, वाणिज्य कर): कुल संपत्ति 2.63 करोड़ रुपये। खुद के पास 70 ग्राम और पत्नी के पास 700 ग्राम सोना है।
  • आनंद किशोर (अपर मुख्य सचिव, वित्त): कुल संपत्ति 2.36 करोड़ रुपये। इन्होंने विभिन्न वित्तीय संस्थाओं में निवेश किया है।
  • कार्तिकेय के. शर्मा (SSP, पटना): कुल संपत्ति 2.97 करोड़ रुपये। घर में 810 ग्राम सोना और 650 ग्राम चांदी है।
  • डॉ. त्यागराजन एसएम (DM, पटना): कुल संपत्ति 79.34 लाख रुपये। इनके पास 35 ग्राम और पत्नी के पास 283 ग्राम सोना है।
  • सीके अनिल (प्रधान सचिव, राजस्व): कुल संपत्ति 35.44 लाख रुपये। खगड़िया में पैतृक संपत्ति और एक मारुति डिजायर कार है।
  • पंकज कुमार (प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास): इनकी और पत्नी की कुल संपत्ति मिलाकर लगभग 2.70 करोड़ रुपये है। बांका में खेती की जमीन है।
  • अभय कुमार सिंह (सचिव, खाद्य आपूर्ति): कुल संपत्ति 3.91 करोड़ रुपये। दिल्ली के बसंतकुंज में फ्लैट और 575 ग्राम सोना है।
  • नर्मदेश्वर लाल (प्रधान सचिव, कृषि): कुल संपत्ति 1.24 करोड़ रुपये। इनके पास कोई वाहन या जमीन नहीं है, सारा पैसा बैंक और फंड्स में है।

ये भी पढ़ें

बिहार का अगला CM कौन? मनोज तिवारी ने बताया किस दिन खत्म होगा सस्पेंस, इन नामों पर चल रहा मंथन

Updated on:
01 Apr 2026 02:25 pm
Published on:
01 Apr 2026 01:49 pm
Also Read
View All

अगली खबर