पटना

Modi-Meloni वायरल होते ही चर्चा में आया बिहार, यहीं से शुरू हुआ था भारत का टॉफ़ी उद्योग

Modi-Meloni कभी भारत की पहली टॉफ़ी फैक्ट्री के रूप में मशहूर बिहार की Morton फैक्ट्री प्रबंधन की अनदेखी, बदलते बाजार और मजदूर हड़तालों के कारण धीरे-धीरे कमजोर पड़ गई। आखिरकार साल 2000 में यह फैक्ट्री बंद हो गई, जिसके साथ बिहार के एक गौरवशाली औद्योगिक दौर का भी अंत हो गया।

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May 21, 2026
बिहार की Morton फैक्ट्री

Modi-Meloni PM नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (PM Giorgia Meloni) के बीच शुरू हुआ एक हल्का-फुल्का कूटनीतिक पल अचानक भारत की एक पुरानी मशहूर टॉफ़ी को फिर सुर्खियों में ले आया। हाल ही में इटली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री मेलोनी को Melody टॉफ़ियों का एक पैकेट गिफ्ट किया। Melody कैरेमल और चॉकलेट स्वाद वाली एक लोकप्रिय टॉफ़ी है, जिसे भारत में कई पीढ़ियों से पसंद किया जाता रहा है। सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने मोदी और मेलोनी के सरनेम को जोड़कर ‘Melodi’ नाम का मज़ेदार ट्रेंड शुरू कर दिया। यह ट्रेंड तब और तेज़ हो गया, जब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस गिफ्ट के साथ अपना एक खुशमिजाज Instagram वीडियो शेयर किया।

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‘Melodi’ ट्रेंड के बीच सामने आई बिहार की मिठास

यह वीडियो क्लिप देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। यूज़र्स ने इस मशहूर टॉफ़ी से जुड़े मीम्स, चुटकुलों और पुरानी यादों से अपनी टाइमलाइन भर दी। लेकिन Melody को लेकर चल रही इस वायरल चर्चा के बीच एक और कहानी भी सामने आई। यह कहानी इटली की नहीं, बल्कि बिहार की थी।

बिहार में थी भारत की पहली टॉफ़ी फैक्ट्री

यह अलग बात है कि बिहार की राजधानी पटना से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित मढ़ौरा आज विकास और रोजगार की चुनौतियों से जूझ रहा है। लेकिन एक दौर ऐसा भी था, जब यह शहर निवेश, उद्योग और नौकरियों के लिए अपनी अलग पहचान रखता था। इंग्लैंड की कंपनी C & E Morton प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैनिकों को डिब्बाबंद भोजन की आपूर्ति करती थी। इस कंपनी ने Parle Products की Melody टॉफ़ी से काफी पहले ही भारत के मिठाई उद्योग में अपनी खास पहचान बना ली थी। कंपनी की सफलता के बाद यहां अन्य उद्योगों ने भी निवेश करना शुरू कर दिया। भारत की पहली चॉकलेट और टॉफ़ी बनाने वाली फैक्ट्री वर्ष 1929 में बिहार के सारण जिले के मढ़ौरा शहर में स्थापित हुई थी। यह फैक्ट्री ‘Morton Toffee Factory’ के नाम से प्रसिद्ध थी और इसे देश की पहली व्यवस्थित मिठाई निर्माण फैक्ट्री माना जाता है।

‘Lacto Bonbon’ ने देशभर में बनाई थी पहचान

उस दौर में, जब ज्यादातर भारतीय चॉकलेट और टॉफ़ियों से ज्यादा परिचित नहीं थे, इस फैक्ट्री ने दूध से बनी ऐसी मिठाइयाँ और टॉफ़ियाँ तैयार कीं, जो देखते ही देखते पूरे देश में लोकप्रिय हो गईं। इसकी सबसे प्रसिद्ध मिठाइयों में ‘Lacto Bonbon’ और दूध, चीनी व नारियल से बनी ‘Cream Toffees’ शामिल थीं। कहा जाता है कि इन उत्पादों का कई वर्षों तक बाजार पर दबदबा कायम रहा।

गुमनामी में खो गई बिहार की मशहूर Morton फैक्ट्री

अपने शुरुआती गौरव और खास पहचान के बावजूद बिहार की Morton फैक्ट्री धीरे-धीरे गुमनामी में खो गई। बताया जाता है कि वर्षों तक प्रबंधन की अनदेखी, बदलते बाजार और लगातार मजदूर हड़तालों ने फैक्ट्री की स्थिति को कमजोर कर दिया। आखिरकार, कभी देशभर में मशहूर रही यह मिठाई फैक्ट्री वर्ष 2000 में हमेशा के लिए बंद हो गई। इसके साथ ही बिहार के एक गौरवशाली औद्योगिक दौर का भी अंत हो गया, जिसके बारे में आज बहुत कम लोग जानते हैं।

हालांकि, स्थानीय लोगों के लिए यह फैक्ट्री सिर्फ रोजगार का साधन नहीं थी, बल्कि गर्व और बिहार की शुरुआती औद्योगिक सफलता की पहचान भी थी। यह उस दौर का उदाहरण थी, जब मढ़ौरा जैसे छोटे शहर ने आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से दशकों पहले ही औद्योगिक पहचान बना ली थी।

Published on:
21 May 2026 10:20 pm
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