पटना

बिहार में बड़ा साइबर फ्रॉड नेटवर्क उजागर, नेपाल तक फैला था जाल; 6 गिरफ्तार, 69 लाख बरामद

पूर्वी चंपारण में बिहार पुलिस ने नेपाल कनेक्शन वाले साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी में 6 आरोपी गिरफ्तार हुए और 69 लाख रुपये नकद, मोबाइल व दस्तावेज बरामद किए गए।

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May 02, 2026
साइबर ठगी

बिहार पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो बिहार के लोगों से ठगी कर रकम को नेपाल के बैंकों में जमा करता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के पास से 69 लाख रुपये नकद और नोट गिनने वाली मशीन बरामद की है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में करीब 50 करोड़ रुपये के लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है।

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साइबर ठगी गिरोह का खुलासा

पूर्वी चंपारण पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार सीमा पार नेपाल से जुड़े हैं। यह गिरोह भारत में लोगों से साइबर ठगी कर एकत्रित की गई राशि को कानूनी नजरों से बचाने के लिए नेपाल के बैंक खातों में जमा करता था। पुलिस के मुताबिक, गुरुवार की आधी रात को मोतिहारी के घोड़ासहन इलाके में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। जब पुलिस की संयुक्त टीम ने घोड़ासहन मेन रोड और बाजार क्षेत्र की दुकानों में प्रवेश किया, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

नेपाल कनेक्शन से काले धन को सफेद करने का खेल

पुलिस छापेमारी में सबसे चौंकाने वाली बात गिरोह का ‘नेपाल कनेक्शन’ सामने आई। पुलिस के अनुसार, जालसाज ठगी की रकम को नेपाल के बैंकों में जमा करते थे। वे भारतीय बैंकों में पैसे रखने का जोखिम नहीं उठाते थे। इसके बजाय, वे अवैध धन को नेपाली बैंकिंग चैनलों के जरिए घुमाते थे। पुलिस का कहना है कि ठग इस तरीके से भारतीय जांच एजेंसियों को चकमा देने के साथ-साथ ठगी के काले धन को शातिराना ढंग से ‘सफेद’ करने का प्रयास कर रहे थे।

50 करोड़ के लेनदेन के संकेत

पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से नोटों के बंडल बरामद हुए हैं। कुल 69 लाख रुपये नकद के साथ पुलिस ने नोट गिनने वाली मशीन, 11 मोबाइल फोन और नेपाल के विभिन्न बैंकों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन कर चुका है। यह भी पता चला है कि आरोपी अक्सर गरीब और मासूम लोगों के बैंक खातों को किराए पर लेते थे और बदले में उन्हें मोटा कमीशन देते थे। इसके बाद उन्हीं खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जाता था।

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Published on:
02 May 2026 09:59 am
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