पटना

झारखंड राज्य सभा चुनाव 2026: कौन जाएगा राज्यसभा? हेमंत की पसंद पर टिकी कांग्रेस की नजर, टिकट की दौड़ में कई दिग्गज

झारखंड राज्य सभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और झामुमो ने रणनीति तेज कर दी है। धीरज साहू और प्रदीप बलमुचू के चुनाव लड़ने से इनकार के बाद सुबोध कांत सहाय, राजेश ठाकुर और केशव महतो कमलेश प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं।
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May 30, 2026
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सांकेतिक तस्वीर। फोटो -(AI Generated)

झारखंड की दो राज्य सभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इंडिया गठबंधन ने अपनी रणनीति लगभग तय कर ली है और महागठबंधन दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कांग्रेस का उम्मीदवार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पसंद के अनुरूप होगा। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद धीरज साहू तथा प्रदीप बलमुचू ने राज्यसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। उधर, बीजेपी की संभावित एंट्री ने राज्यसभा चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।

सीएम हाउस की पसंद का होगा उम्मीदवार

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले पार्टी के पूर्व सांसदों, मंत्रियों, विधायकों और पूर्व विधायकों के साथ बैठक कर रायशुमारी की। बैठक में अधिकांश नेताओं ने कांग्रेस से राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारने की वकालत की। वहीं, कुछ नेताओं का मत था कि यदि पार्टी को यह सीट जीतनी है तो उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए, जिसे मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) का समर्थन प्राप्त हो, ताकि सभी सहयोगी दल एकजुट होकर चुनावी रणनीति बना सकें। पार्टी नेताओं से चर्चा के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस का उम्मीदवार संगठन और नेताओं की सामूहिक राय के अनुरूप ही तय किया जाएगा। इस बीच, पूर्व सांसद धीरज साहू और प्रदीप बलमुचू ने राज्यसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। इसके बाद कांग्रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

ओबीसी या फारवर्ड हो सकता है कांग्रेस का प्रत्याशी

सूत्रों के अनुसार, झामुमो की ओर से राज्यसभा के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय का उम्मीदवार उतारे जाने की संभावना है। ऐसे में कांग्रेस ओबीसी या सवर्ण (फॉरवर्ड) चेहरे पर दांव लगाने की रणनीति पर विचार कर रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का एक कुर्मी नेता को उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में नजर आए। यदि ऐसा होता है, तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की दावेदारी मजबूत हो सकती है। वहीं, यदि कांग्रेस सवर्ण चेहरे पर भरोसा जताती है, तो पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर या पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है।

Updated on:
30 May 2026 08:23 am
Published on:
30 May 2026 08:23 am