
jharkhand rajya sabha election
झारखंड में दो सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। जीत के लिए पर्याप्त संख्या नहीं होने के बावजूद भाजपा ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इस बार किसी आदिवासी चेहरे को राज्यसभा भेजने की रणनीति पर काम कर रही है। फिलहाल झारखंड से भाजपा के दीपक प्रकाश, आदित्य प्रसाद साहू और प्रदीप वर्मा राज्यसभा सदस्य हैं। इनमें दीपक प्रकाश का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है। भाजपा उनकी जगह किसी प्रमुख आदिवासी नेता को उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है। दरअसल, वर्तमान में लोकसभा और राज्यसभा में झारखंड से भाजपा का कोई भी आदिवासी सांसद नहीं है।
इसको लेकर भाजपा इस बार किसी आदिवासी चेहरे को राज्यसभा भेजने पर गंभीरता से मंथन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी फिलहाल तीन प्रमुख नामों पर खास तौर पर विचार कर रही है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रांची की पूर्व मेयर आशा लकड़ा और आईआरएस अधिकारी निशा उरांव के नाम प्रमुख हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इसके अलावा भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव और पूर्व आईपीएस अधिकारी अरुण उरांव के नाम पर भी विचार कर रही है। समीर उरांव इससे पहले भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में आयोजित आदिवासियों के राष्ट्रीय समागम के बाद भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं के बीच इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर रांची में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने पर सहमति जताई। चुनाव समिति ने प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू , नेता प्रतिपक्ष बाबू लाल मरांडी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह को तीन नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय चुनाव समिति को भेजने के लिए अधिकृत किया है।
इधर, राज्यसभा चुनाव से पहले झामुमो (Jharkhand Mukti Morcha) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर भाजपा पर धनबल और अनैतिक दबाव के इस्तेमाल की आशंका जताई है। चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र में पार्टी ने कहा है कि 18 जून को होने वाले राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 56 विधायकों का स्पष्ट समर्थन है। इसके बावजूद केवल 21 विधायकों वाली भाजपा ने भी अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। झामुमो ने आशंका जताई है कि भाजपा धनबल और अनैतिक दबाव का इस्तेमाल कर कुछ विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकती है।
Updated on:
27 May 2026 10:57 am
Published on:
27 May 2026 09:39 am
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