11 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bihar Land Record: डेडलाइन चूके अफसर, हर हाल में अब 7 दिन में पूरा करना होगा काम; छुट्टी भी रद्द

Bihar property records Bihar: बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े कामों में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है। राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने पिछले साल के मेगा-अभियान के दौरान मिली 46 लाख अर्जियों में से लाखों लंबित मामलों को निपटाने के लिए 11 जून से 17 जून तक सात दिन का एक विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है।

2 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Jun 10, 2026

bihar land record

बिहार सरकार में मंत्री सिलिप जायसवाल (फोटो- X@BiharRevenue)

Bihar Land Record: बिहार में जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों, दाखिल-खारिज और डिजिटल जमाबंदी में सुधार के लिए चक्कर काट रहे लाखों आम लोगों के लिए राज्य सरकार ने एक राहत भरी खबर दी है। राजस्व और भूमि सुधार विभाग गुरुवार से एक अभियान शुरू करने जा रहा है, ताकि जमीन से जुड़े उन लंबित आवेदनों को निपटाया जा सके जो महीनों से अंचल कार्यालयों में धूल फांक रहे थे। मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि राज्य के सभी अंचलों में 11 जून से 17 जून तक सात दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए अंचल अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और सहायक कर्मचारियों की रविवार की छुट्टी रद्द कर दी गई है।

समय-सीमा के बाद भी लाखों मामले लंबित

राजस्व और भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि बिहार सरकार ने पहले 16 अगस्त 2025 से 20 सितंबर 2025 तक एक बड़ा राजस्व अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत राज्य भर में विशेष शिविर आयोजित किए गए थे, जिसकी वजह से जमीन मालिकों से रिकॉर्ड-तोड़ 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इन आवेदनों में डिजिटल जमीन रिकॉर्ड में गलतियों को सुधारना, पहले छूट गए रिकॉर्ड को डिजिटाइज करना और उत्तराधिकार या आपसी बंटवारे के आधार पर म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी करना जैसे विभिन्न मुद्दे शामिल थे।

विभाग ने इन सभी आवेदनों की जांच, स्कैनिंग और पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया के लिए 31 मार्च 2026 की अंतिम समय-सीमा तय की थी। हालांकि, अधिकारियों और कर्मचारियों की सुस्ती के कारण, समय-सीमा बीत जाने के बाद भी काम अधूरा रह गया। विभागीय आंकड़ों से पता चलता है कि अब तक केवल 81.91 प्रतिशत आवेदनों को स्कैन किया गया है, जबकि केवल 26.43 प्रतिशत आवेदनों को संबंधित सरकारी पोर्टलों पर अपलोड किया गया है।

युद्ध स्तर पर किए जाएंगे ये दो काम

लाखों जमीन मालिकों के आवेदन अधर में लटके रहने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्थिति को अस्वीकार्य और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि 11 से 17 जून तक होने वाले इस विशेष शिविर के दौरान, दो विशिष्ट चरणों में काम को बिना किसी चूक के 100% पूरा किया जाएगा। इस पहल के तहत, पिछले साल के अभियान के दौरान मिले सभी फिजिकल एप्लीकेशन की स्कैनिंग पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट्स को बिना देरी के संबंधित सरकारी रेवेन्यू पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे तीसरे चरण में उनकी तेजी से प्रोसेसिंग हो सकेगी।

रविवार की छुट्टी रद्द

सात दिन के इस कैंपेन को बिना रुकावट पूरा करने के लिए सरकार ने एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अंचल कार्यालय बीच में आने वाले रविवार को भी पूरी क्षमता के साथ काम करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे वे आम कामकाजी दिनों में करते हैं। इसके अलावा डिपार्टमेंट ने मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। राज्य के अधिकांश जिलों में तैनात स्पेशल सर्वे अमीनों को उनकी रेगुलर ड्यूटी से हटाकर इस स्पेशल कैंपेन के लिए डेटा स्कैनिंग, अपलोडिंग और फ़ाइल प्रोसेसिंग में मदद करने के काम पर लगाया गया है। हालांकि, शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल के अमीनों को इस ड्यूटी से छूट दी गई है।

CO और RO को चेतावनी

मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि किसी भी अधिकारी को इस अभियान को सिर्फ़ औपचारिकता या दिखावटी काम समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। तय सात दिनों की अवधि में अपने-अपने इलाकों के टारगेट को पूरा करना संबंधित सर्कल ऑफिसर्स (CO) और रेवेन्यू ऑफिसर्स (RO) की व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी होगी। अगर फिर से लापरवाही सामने आती है, तो सीधे सस्पेंशन और डिपार्टमेंटल कार्रवाई शुरू की जाएगी।