
गूगल इंडिया के वाइस प्रेसीडेंट चंदू थोटा के साथ सीएम सम्राट चौधरी (फोटो- सम्राट चौधरी X)
Google Global Capability Centre Bihar: बिहार को टेक्नोलॉजी और IT हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक गूगल के एक डेलिगेशन से मुलाकात की। इस डेलिगेशन का नेतृत्व गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट चंदू थोटा ने किया। मीटिंग में बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह भी मौजूद थे। चर्चा मुख्य रूप से बिहार में वर्ल्ड-क्लास टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तलाशने पर केंद्रित थी।
मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की फोटो शेयर की और आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने गूगल इंडिया को राज्य की नई और क्रांतिकारी 'बिहार GCC (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) पॉलिसी-2026' के तहत राज्य में अपना 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर' स्थापित करने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है।
CM सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, "गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट चंदू थोटा के नेतृत्व में एक हाई-लेवल डेलिगेशन ने नई दिल्ली में बिहार भवन में भेंट की। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मीटिंग के दौरान मैंने गूगल को बिहार GCC पॉलिसी-2026 के तहत राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।"
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और गूगल के बीच हुई मीटिंग में न केवल IT सेक्टर पर, बल्कि राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण चार मुख्य क्षेत्रों जैसे टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में भी सार्थक सहयोग के रास्ते तलाशने पर भी रणनीतिक चर्चा हुई।
IT और ग्लोबल कंपनियों को आकर्षित करने के लिए बिहार सरकार ने हाल ही में 'बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी-2026' और 'बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026' को मंजूरी दी है। इस पॉलिसी का मुख्य मकसद बिहार को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए एक बड़े ग्लोबल टेक हब के तौर पर स्थापित करना है।
इस पॉलिसी के तहत, राज्य सरकार राज्य में निवेश करने वाली बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) को आकर्षक प्रोत्साहन दे रही है। जैसे कि विशेष वित्तीय रियायतें, वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और लीज या किराए पर सब्सिडी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह के अनुसार, ये पॉलिसी स्टार्टअप्स और ग्लोबल टेक दिग्गजों, दोनों के लिए निवेश का एक बेहतरीन और सुरक्षित माहौल देती हैं।
Updated on:
10 Jun 2026 05:12 pm
Published on:
10 Jun 2026 05:10 pm
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