
भाजपा के MLC उम्मीदवार अनिल ठाकुर (फोटो- अनिल ठाकुर फेसबुक)
Anil Thakur BJP: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्णिया के जलालपुर प्रखंड के रहने वाले 50 साल के अनिल ठाकुर को बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। अनिल कठैली नाम के एक बहुत छोटे और साधारण से गांव के रहने वाले हैं। अनिल ठाकुर के पास न तो कोई सरकारी या प्राइवेट नौकरी है और न ही वे कोई बड़ा बिजनेस या कमर्शियल काम करते हैं, फिर भी वे हर साल लाखों रुपये कमाते हैं।
चुनाव हलफनामे में दी गई जानकारी के मुताबिक, BJP उम्मीदवार अनिल ठाकुर ने सिर्फ 9वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। उन्होंने 1993 में एनडी रुंगटा हाई स्कूल जलालगढ़ (पूर्णिया) से 9वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई नहीं कर पाए। पेशे और रोजगार वाले हिस्से में अनिल ठाकुर ने खुद को किसान और समाज सेवक बताया है। हलफनामे से पता चलता है कि उनके पास न तो कोई सैलरी वाली नौकरी है और न ही कोई रजिस्टर्ड बिजनेस। फिर भी, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए उनकी कुल घोषित सालाना आय 6,94,760 रुपये थी। उनकी आय का मुख्य और एकमात्र जरिया खेती है।
अनिल ठाकुर के बारे में कहा जाता है कि वे बहुत सादा जीवन जीते हैं, लेकिन उनके पास काफी चल संपत्ति है। हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल चल संपत्ति 22,85,502 रुपये है। उनके पास अभी 60,000 रुपया नकद हैं, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की कस्बा ब्रांच में उनके अकाउंट में 1,63,490 रुपये जमा हैं। इसके अलावा, अनिल ठाकुर को गाड़ियों और गहनों का बहुत शौक है। उनके पास 2019 में खरीदी गई रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल और मारुति डिजायर कार है।
अनिल ठाकुर के पास लगभग 100 ग्राम सोना है, जिसकी मौजूदा मार्केट वैल्यू लगभग 14,00,000 रुपये बताई गई है। उनके पास 600 ग्राम चांदी भी है, जिसकी कीमत लगभग 1,68,000 रुपये । हलफनामे की सबसे अच्छी बात यह है कि आर्थिक रूप से मजबूत होने के बावजूद अनिल ठाकुर पर किसी बैंक, फाइनेंशियल संस्थान या व्यक्ति का कोई कर्ज नहीं है।
अचल संपत्ति की बात करें तो अनिल ठाकुर के पास बहुत ज्यादा जमीन-जायदाद नहीं है। उनके पास पूर्णिया जिले में अपनी कमाई से खरीदी गई सिर्फ दो डेसिमल कृषि भूमि है। इस जमीन की मौजूदा कीमत लगभग 71,000 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, उनके पास लगभग 1,44,000 रुपये की आवासीय या अन्य अचल संपत्तियां हैं। अनिल ठाकुर ने अपनी पत्नी या किसी अन्य आश्रित के नाम पर कोई चल या अचल संपत्ति या बैंक बैलेंस घोषित नहीं किया है।
अनिल ठाकुर के आपराधिक रिकॉर्ड की बात करें तो, पूर्णिया के जलालगढ़ पुलिस स्टेशन में 2010 का एक मामला उनके खिलाफ लंबित है। यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 341, 323, 353, 379, 427 और 504 के तहत दर्ज है, जिसमें मुख्य रूप से गलत तरीके से रोकना, शांति भंग करना और सार्वजनिक कर्तव्य में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं। हालांकि, हलफनामे में यह स्पष्ट किया गया है कि अदालत द्वारा अभी तक आरोप तय नहीं किए गए हैं और न ही इन मामलों में किसी को दोषी ठहराया गया है।
Published on:
10 Jun 2026 07:15 pm
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