
Rajya Sabha Election: बिहार में राज्य सभा की पांच सीटों के लिए चल रही वोटिंग के बीच विधानसभा परिसर में एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सियासी हलचल बढ़ा दी। केंद्रीय मंत्री और हम (HAM) प्रमुख जीतन राम मांझी के परिवार की दो महिला विधायक दीपा मांझी और ज्योति मांझी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के कमरे से बाहर निकलती हुई नजर आईं। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
मतदान के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी और उनकी समधन ज्योति मांझी को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के कक्ष से निकलते हुए देखा गया। उनके साथ महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह और AIMIM के विधायक भी मौजूद थे। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया।
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में क्रॉस वोटिंग को लेकर अटकलें तेज हो गईं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या राज्य सभा चुनाव में किसी तरह का सियासी खेल हो सकता है। हालांकि बाद में यह भी कहा गया कि दोनों विधायक गलती से तेजस्वी यादव के कमरे में चली गई थीं। उस समय तेजस्वी यादव खुद वोटिंग के लिए लाइन में खड़े थे। फिर भी चुनाव के दौरान इस तरह की घटना ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सभा चुनाव में एनडीए की पांचों सीटों पर जीत तय है। उन्होंने कहा, 'एनडीए पांचों की पांचों सीटें जीतेगा। राजद किस आधार पर जीत का दावा कर रही है? उनके पास संख्या बल कहाँ है?'
एक तरफ एनडीए के खेमे में सेंधमारी की चर्चा थी, वहीं महागठबंधन खुद अपने विधायकों को बचाने में संघर्ष करता दिख रहा है। राजद के ढाका (पूर्वी चंपारण) से विधायक फैसल रहमान से पार्टी का संपर्क टूट गया है। राजद के 25 में से 24 विधायकों ने वोट डाल दिया है, लेकिन फैसल रहमान का इंतजार बना हुआ है। कांग्रेस के तीन विधायक मनोहर प्रसाद, मनोज विश्वास और सुरेंद्र कुशवाहा अब तक वोट डालने नहीं पहुंचे हैं। इनमें से सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास के फोन बंद आ रहे हैं और पार्टी नेता उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
बिहार में राज्य सभा की पांच सीटों के लिए मतदान हो रहा है और इस बार चुनाव का सबसे बड़ा सस्पेंस पांचवीं सीट को लेकर बना हुआ है। संख्या बल के हिसाब से एनडीए चार सीटों पर मजबूत स्थिति में है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर दोनों खेमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इसी वजह से क्रॉस वोटिंग की संभावना और छोटे दलों के रुख पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। अब मतदान खत्म होने और मतगणना के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बिहार की पांचवीं राज्यसभा सीट आखिर किसके खाते में जाती है।