Pappu Yadav: पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बारे में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि उन्होंने NEET छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और हत्या के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई थी। उस मुद्दे को सीधे सुलझाने के बजाय, उन्हें एक पुराने मामले में लपेट दिया गया है, यह एक कानूनी मामला है इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।
Pappu Yadav: बिहार के गया जिले के बोधगया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी और पटना में हुई नीट (NEET) छात्रा की हत्या पर अहम बयान दिया है। मांझी ने जहां एक ओर पुलिस की कार्रवाई को 'कानूनी' बताया, वहीं दूसरी ओर दबे स्वर में यह भी मान लिया कि पप्पू यादव जिस तरह से सरकार के खिलाफ मुखर हो रहे थे, उसी का नतीजा है कि उन्हें पुराने मामले में 'लपेट' दिया गया।
मांझी ने कहा कि पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या एक नृशंस अपराध है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने स्वीकार किया कि पप्पू यादव इस मुद्दे पर काफी मजबूती से सरकार को घेर रहे थे।
मांझी ने कहा, "उन्हें (पप्पू यादव) 31 साल पुराने मामले में आधी रात को गिरफ्तार किया गया है। देखिए, हम इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि वो नीट छात्रा हत्याकांड पर वोकल थे। उन्हें सीधे तौर पर न रोककर, किसी पुराने मामले में लपेट दिया गया है।" मांझी ने दोहराया कि छात्रा के साथ जो हुआ वह दुखद है और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सांसद पप्पू यादव को 1995 के गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 552/95 (धोखाधड़ी और मकान कब्जे का विवाद) में शुक्रवार देर रात उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। मांझी ने स्पष्ट किया कि मामला अदालत में लंबित था। चूंकि सांसद बार-बार समन के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, इसलिए अदालत ने कुर्की-जब्ती और गिरफ्तारी का आदेश दिया था। उन्होंने कहा, "गिरफ्तारी 31 साल पुराने मामले में हुई है। कानून की दृष्टि से देखा जाए तो पुलिस ने अपना काम किया है, क्योंकि वारंट जारी था।"
मांझी ने नीट छात्रा के साथ हुई दरिंदगी को अत्यंत दुखद और नृशंस बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्ची के साथ ऐसी वारदात समाज के लिए शर्मनाक है। सरकार की जिम्मेदारी है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जांच को लेकर राज्य के गृह विभाग ने पहले ही स्पष्ट किया है कि जरूरत के मुताबिक अलग-अलग एजेंसियों से जांच कराई जा सकती है। SIT, CID, CBI या अन्य किसी भी स्तर की जांच से परहेज नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी के पास ठोस जानकारी या सबूत है तो वे आगे आएं।
मांझी ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी को राजनीतिक नजर से देखने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के रूप में समझना चाहिए। उनके शब्दों में, कानून अपना काम कर रहा है और अदालत में ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी के खिलाफ कार्रवाई होने का मतलब यह नहीं कि फैसला हो गया। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होना बाकी रहता है।