
Khan Sir Case: पटना के मशहूर टीचर फैसल खान उर्फ खान सर और उनके दोनों बॉडीगार्ड्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पटना पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल अपडेटेड केस डायरी में उनके बॉडीगार्ड्स के हथियारों के वेरिफिकेशन से जुड़ी नई बातें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, 2 जून को हंगामे के दौरान जिस हथियार से फायरिंग हुई थी, उसका बिहार में इस्तेमाल करने का वैलिड परमिट नहीं था। इस मामले में अब 30 जून को सुनवाई होनी है।
पटना पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, 2 जून को खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर जिस हथियार से फायरिंग हुई, वह उनके पर्सनल बॉडीगार्ड तालेबर सिंह का है। तालेबर सिंह उत्तर प्रदेश के कासगंज के रहने वाले हैं। पुलिस वेरिफिकेशन में उनके हथियार से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। उत्तर प्रदेश में तालेबर सिंह को जारी आर्म्स लाइसेंस ऑल इंडिया इस्तेमाल के लिए वैलिड नहीं था। इसकी वैलिडिटी एक खास इलाके तक ही सीमित थी। तालेबर सिंह बिना किसी वैलिड परमिट के उत्तर प्रदेश से हथियार लेकर बिहार आए और खान सर के लिए बॉडीगार्ड के तौर पर काम कर रहे थे।
नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति दूसरे राज्य से हथियार लेकर बिहार आता है या वहां काम करता है, तो उसे लोकल डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, आर्म्स मजिस्ट्रेट या संबंधित पुलिस स्टेशन को लिखित सूचना देनी होती है। न तो तालेबर और न ही आर्म्स एजेंसी ने इस कानूनी प्रक्रिया का पालन किया, जो कानून के तहत एक अपराध है।
पुलिस ने खान सर के दूसरे बॉडीगार्ड, प्रदीप कुमार के हथियार को लेकर भी अपडेटेड केस डायरी में आपत्ति जताई है। पटना में खान सर को सिक्योरिटी देते समय प्रदीप जिस हथियार का इस्तेमाल कर रहे थे, उसका लाइसेंस असल में उनके पिता के नाम पर जारी किया गया था। प्रदीप के पिता की हत्या के बाद प्रशासन ने परिवार को सिर्फ़ आत्मरक्षा के लिए ऑल इंडिया परमिट वाला हथियार दिया था। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर, प्रदीप ने खान सर के बॉडीगार्ड के तौर पर काम करते हुए हथियार का कमर्शियल इस्तेमाल किया। यह आर्म्स लाइसेंस की बुनियादी शर्तों का उल्लंघन है।
यह पूरा विवाद 2 जून को पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुए भारी हंगामे, मारपीट और गोलीबारी की घटना से शुरू हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की और गोलीबारी में इस्तेमाल किए गए दोनों हथियारों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था। 27 जून को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केस डायरी की समीक्षा की और खान सर को मिली अंतरिम राहत को अगली सुनवाई की तारीख तक बढ़ा दिया।
अब इस मामले में 30 जून को सुनवाई होनी है, जब पटना सिविल कोर्ट में अपडेटेड केस डायरी के आधार पर दोनों पक्षों के बीच बहस होने की उम्मीद है। कोर्ट यह तय कर सकता है कि खान सर को मिली अंतरिम राहत जारी रहेगी या उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। साथ ही, बॉडीगार्ड्स की जमानत पर भी फ़ैसला सुनाया जा सकता है।