पटना

बिहार विधानसभा चुनाव: मोकामा में दो बाहुबलियों के बीच टक्कर, सूरजभान और अनंत सिंह आमने सामने

मोकामा विधानसभा सीट पर जेडीयू से अनंत सिंह और आरजेडी के टिकट पर सूरजभान सिंह की पत्नी बीणा देवी के बीच मुकाबला होगा। लालू यादव और तेजस्वी यादव ने मुंगेर की पूर्व सांसद रहीं वीणा को आज ही आरजेडी का सिंबल दिया है। वो आज ही अपना नामांकन कर रही हैं।
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Oct 16, 2025
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बिहार के मोकामा विधानसभा सीट पर अनंत सिंह और सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी के बीच मुकाबला होगा। बुधवार की रात में सूरजभान सिंह पशुपति पारस की पार्टी लोजपा छोड़कर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी प्रसाद यादव से मिले थे। इसके साथ ही यह साफ हो गया था कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) मोकामा सीट से मुंगेर की पूर्व सांसद वीणा देवी को अपना प्रत्याशी बनायेगा। गुरूवर की सुबह में वीणा देवी लालू प्रसाद से मिली और औपचारिकता पूरी करने के बाद पार्टी ने वीणा देवी को पार्टी का सिंबल दे दिया। इसके बाद मोकामा के बाहुबली सूरजभान सिंह वीणा देवी का नामांकन कराने बाढ़ निकल गए। मोकामा में पहले चरण में ही चुनाव होना है। नामांकन का कल आखिरी दिन है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सिंबल पर बाढ़ के बाहुबली अनंत सिंह 14 अक्टूबर को पर्चा भर चुके हैं। वीणा देवी के मैदान में आने के साथ ही मौकामा क चुनाव रोचक हो गया है।

अनंत सिंह का गढ़ है मोकामा

मोकमा विधानसभा सीट पर बाहुबली अनंत सिंह का कब्जा रहा है। वे और उनकी पत्नी का पिछले पांच बार से इस सीट पर लगातार कब्जा रहा है। वर्ष 2022 में अनंत सिंह को एके 47 रखने के आरोपमें केस होने पर विधायकी चली गई थी। तब आरजेडी के टिकट पर उनकी पत्नी नीलम देवी उप-चुनाव जीती थीं। अनंत सिंह 2005 से 2010 तक तीन बार जेडीयू के टिकट पर जीते, 2015 में निर्दलीय जीत गए और 2020 में राजद के सिंबल पर जीते। 2022 में नीलम देवी राजद से ही जीती, लेकिन 2024 में नीतीश कुमार के बहुमत परीक्षण में सरकार के साथ चली गईं। विधानसभा के रिकॉर्ड में यह सीट राजद के ही खाते में दर्ज है।

अनंत सिंह के भाई को हरा चुके हैं सूरज भान सिंह

सूरजभान सिंह वर्ष 2000 में मोकामा से पहली बार चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में उन्होंने अनंत सिंह के भाई दिलीप सिंह को बड़े अनंर से चुनाव हराया था। इसके बाद वे कभी इस क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़े। दिलीप सिंह आरजेडी के दबंग नेता थे। राबड़ी देवी की सरकार में वे कद्दावर मंत्री हुआ करते थे। 2004 में सूरज भान सिंह लोजपा के टिकट पर बलिया से लोकसभा का चुनाव लड़े। यहां से भी चुनाव जीत गए और सांसद बन गए। लेकिन, बाद में सजा होने पर bs चुनाव नहीं लड़ पाए तो 2014 में पत्नी वीणा देवी को मुंगेर से लोजपा का सांसद बनाया।

भाई को बनाया सांसद

2019 के लोकसभा चुनाव में सूरजभान सिंह के भाई चंदन सिंह लोजपा से ही नवादा के सांसद बने। सूरजभान के मोकामा छोड़ने के बाद से अनंत सिंह और पिछले तीन साल से उनकी पत्नी विधायक रही हैं। 25 साल दोनों का परिवार चुनावी अखाड़े में आमने-सामने हो गया है।

Updated on:
16 Oct 2025 03:10 pm
Published on:
16 Oct 2025 03:09 pm
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