Bihar Politics: जन शक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव दिल्ली में अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मिले, जिसके बाद तेज प्रताप यादव ने दावा किया कि उन्होंने अपने पिता को मकर संक्रांति की दावत के लिए औपचारिक रूप से इनवाइट किया है और लालू यादव इसमें शामिल होंगे।
Bihar Politics: मकर संक्रांति से पहले बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा भोज को लेकर हलचल बढ़ जाती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही माहौल है और इन सबके केंद्र में लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव हैं। जन शक्ति जनता दल के प्रमुख के तौर पर, तेज प्रताप यादव पहली बार दही-चूड़ा भोज का आयोजन कर रहे हैं। इसमें शामिल होने के लिए उन्होंने बड़े बड़े नेताओं को न्योता दिया है।
पहले इस बात को लेकर सस्पेंस था कि लालू यादव का परिवार इसमें शामिल होगा या नहीं, लेकिन अब तेज प्रताप यादव ने दावा किया है कि उनके पिता लालू यादव उनके घर पर होने वाले भोज में शामिल होंगे। दिल्ली में अपने पिता से मिलने के बाद, तेज प्रताप ने मीडिया को बताया कि उन्होंने दही-चूड़ा भोज का न्योता दिया है और उनके पिता ने इसे स्वीकार कर लिया है और वे आएंगे।
शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में नौकरी के बदले जमीन मामले में सुनवाई हुई, जिसमें तेज प्रताप यादव और लालू परिवार के अन्य सदस्य शामिल हुए। कोर्ट की सुनवाई के बाद, तेज प्रताप सीधे अपने पिता लालू यादव से मिलने गए। इस मुलाकात के बाद जब पत्रकारों ने तेज प्रताप यादव से पूछा कि क्या लालू यादव उनके दही-चूड़ा भोज में शामिल होंगे, तो तेज प्रताप ने कहा, "वे क्यों नहीं आएंगे? मैंने उन्हें न्योता दिया है और उनका आशीर्वाद भी लिया है, वे ज़रूर आएंगे।"
तेज प्रताप से यह भी पूछा गया कि क्या यह आशीर्वाद उनकी नई पार्टी, JJD के राजनीतिक भविष्य के लिए है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि आशीर्वाद तो हमेशा रहता है।
मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज लालू यादव की राजनीतिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। लालू यादव ने 1990 के दशक में इस भोज का आयोजन शुरू किया था, और सालों तक यह उनके पटना आवास पर होता रहा, जो बिहार के राजनीतिक गलियारों में एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया था। इस साल, लालू यादव के आवास पर भोज होने का कोई संकेत नहीं है, लेकिन तेज प्रताप अपनी नई पार्टी के जरिए इसका आयोजन कर रहे हैं। यह भोज पटना में 26-M, स्ट्रैंड रोड स्थित तेज प्रताप यादव के आवास पर 14 जनवरी को सुबह 11 बजे से होगा।
तेज प्रताप यादव ने इस भोज में शामिल होने के लिए पहले ही बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है। वह राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी न्योता भेज रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस भोज में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा, तेज प्रताप ने संतोष कुमार सुमन (बिहार सरकार में मंत्री और जीतन राम मांझी के बेटे) और दीपक प्रकाश (बिहार सरकार में मंत्री और उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे) सहित NDA के कई अन्य नेताओं से भी मुलाकात की है और उन्हें भी पर्सनली इनवाइट किया है।
इस भोज से पहले तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के रिश्ते की भी खूब चर्चा हो रही है। शुक्रवार को दोनों भाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मिले, लेकिन उन्होंने एक-दूसरे से बात नहीं की। तेजस्वी ने सिर्फ इशारों में अपने भाई का हालचाल पूछा, जबकि तेज प्रताप के चेहरे पर कोई भाव नहीं था। अब इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या तेजस्वी यादव तेज प्रताप की आने वाली दावत में शामिल होंगे और अगर वह शामिल होते हैं, तो क्या उनकी मौजूदगी दोनों भाइयों के बीच की दूरी को कम करने में मदद करेगी।