Bihar Politics: पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन द्वारा दिए गए बयानों के बाद सियासी भूचाल आ गया है। आनंद मोहन के बयानों से भड़कीं मंत्री लेसी सिंह ने करारा पलटवार किया है।
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन द्वारा दिए गए बयान पर बवाल मचा हुआ है। जदयू नेता आक्रामक हो गए हैं। बिहार सरकार की भवन निर्माण विभाग की मंत्री लेसी सिंह भी आनंद मोहन के बयान पर भड़क गई हैं। लेसी सिंह ने साफ कहा कि दुनिया या देश में किसी की भी इतनी हैसियत, ताकत या औकात नहीं है जो नीतीश कुमार के राजनीतिक वजूद को खत्म कर सके या उन्हें जिंदा दफन कर सके।
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बीते दिनों पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जेडीयू की कार्यशैली और उसके शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक बड़ा बयान दे डाला। उन्होंने सीधे तौर पर कहा था कि कुछ स्वार्थी नेताओं ने नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से जिंदा दफन कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने जेडीयू में मंत्रियों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
आनंद मोहन ने दावा किया था कि जेडीयू में जो लोग 'बड़ी थैली' (मोटा पैसा) लेकर जाते हैं, उन्हें ही मंत्री या बड़ा पद दिया जाता है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह के बेटे को टिकट न मिलने का उदाहरण देते हुए पार्टी पर पैसे वालों को तवज्जो देने की बात कही थी।
आनंद मोहन के आरोपों पर भड़कीं मंत्री लेसी सिंह ने इसे सीधे तौर पर नीतीश कुमार के कुशल और सक्षम नेतृत्व को चुनौती देना बताया। लेसी सिंह ने कहा, 'यह मेरी निजी राय है कि जो कोई भी ऐसी बातें कह रहा है, वह जान ले कि दुनिया, देश या राज्य में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो हमारे नेता को जिंदा दफन कर दे। नीतीश कुमार बिहार के गरीबों, गुरबों और वंचितों के दिलों में बसते हैं।'
लेसी सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई नीतीश कुमार की तरफ आंख भी उठाकर दिखाएगा, तो बिहार और देश की करोड़ों महिलाएं उनके समर्थन में ढाल बनकर खड़ी हो जाएंगी और करारा सबक सिखाएंगी।
पार्टी में 'थैली' यानी पैसे के दम पर मंत्री बनाए जाने के गंभीर आरोप को सिरे से खारिज करते हुए लेसी सिंह ने जेडीयू की साफ-सुथरी छवि का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जेडीयू में आज तक न तो ऐसी कोई परिपाटी रही है और न ही भविष्य में नीतीश कुमार के नेतृत्व में ऐसा होना कभी संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार या संगठन में किस कार्यकर्ता और नेता की क्या उपयोगिता है, उनका क्या योगदान है और किसे क्या जिम्मेदारी देनी है, इसका एकमात्र और अंतिम निर्णय खुद नीतीश कुमार पूरी निष्पक्षता से लेते हैं, कोई दूसरा इसमें हस्तक्षेप नहीं करता।
वशिष्ठ नारायण सिंह के बेटे को टिकट न मिलने के आनंद मोहन के बयान पर भी मंत्री लेसी सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि वशिष्ठ बाबू हमारे समाजवाद की अनमोल धरोहर हैं। उन्होंने हमेशा खुद से ऊपर नीतीश कुमार के संघर्ष को रखा और कभी किसी पद की लालसा नहीं की। लेसी सिंह ने कहा कि वशिष्ठ बाबू ने खुद कभी कोई शिकायत नहीं की और न ही कोई बयान दिया, तो बाहरी लोग उनके नाम पर प्रश्नचिह्न लगाकर उनकी और पार्टी की छवि को धूमिल करने की कोशिश क्यों कर रहे हैं?
लेसी सिंह ने अंत में स्पष्ट किया कि आनंद मोहन के इस पूरे बयान और सीधे नेतृत्व पर किए गए हमले को लेकर जेडीयू का सक्षम और शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह गंभीर है। पार्टी आलाकमान इस पूरे घटनाक्रम और बयानों पर पैनी नजर बनाए हुए है। इस मामले को लेकर आगे क्या रुख अपनाना है या क्या आधिकारिक कार्रवाई करनी है, इस पर पार्टी नेतृत्व विचार करने के बाद अपनी राय रखेगा। लेकिन एक कार्यकर्ता और मंत्री के तौर पर वे अपने नेता के खिलाफ ऐसी अनर्गल और अपमानजनक बयानबाजी को कभी बर्दाश्त नहीं कर सकतीं।