पटना

Mahila Rojgar Yojana: 1.56 करोड़ महिलाओं को मिली पहली किस्त, अब मिलेगा 2 लाख तक का सपोर्ट, SOP तैयार करने में जुटी सरकार

बिहार सरकार स्केलेबल और इनोवेटिव आइडिया वाली महिलाओं को न सिर्फ़ अतिरिक्त वित्तीय सहायता देगी।

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Jan 14, 2026
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना। फोटो- आईपीआरडी

Mahila Rojgar Yojana: बिहार में PM मोदी और CM नीतीश कुमार द्वारा सितंबर 2025 में संयुक्त रूप से शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना (MMRY) के तहत ₹10,000 के सीड ग्रांट से सफलतापूर्वक बिज़नेस शुरू करने वाली महिलाओं को ₹200,000 तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है। इसका उदेश्य हर परिवार की एक महिला को उसकी पसंद की रोज़गार गतिविधि शुरू करने या बढ़ाने में मदद करके महिलाओं की आर्थिक आज़ादी को बढ़ावा देना है। जिसमें सिलाई, फूड प्रोसेसिंग और हस्तशिल्प से लेकर पशुपालन और छोटे रिटेल उद्यम शामिल हैं। इस योजना के तहत, महिला उद्यमियों को उनके बैंक खातों में ₹10,000 का शुरुआती नॉन-रिफंडेबल ग्रांट दिया गया था।

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2 लाख तक का सपोर्ट

राज्य सरकार द्वारा अब तक महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई संस्था जीविका से जुड़ी लगभग 1.56 करोड़ महिलाओं को 38 जिलों में पहली किस्त दी जा चुकी है। इसके तहत कुल ₹15,600 करोड़ रुपये बांटे गए हैं। इसके तहत पटना (6,20,761 लाभार्थी), पूर्वी चंपारण (7,72,452), मुजफ्फरपुर (7,48,325) और अन्य घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नामांकन विशेष रूप से अधिक है, जिससे राज्यव्यापी कुल संख्या 1,56,00,010 हो गई है। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती ₹10,000 ग्रांट के लिए नए आवेदन रोक दिए गए हैं, जबकि लगभग 1.9 मिलियन लंबित मामलों पर अभी भी काम चल रहा है।

SOP तैयार करने में जुटी सरकार

बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसायटी, जो जीविका चलाती है और इस योजना को लागू करने वाली राज्य एजेंसी है, SOP को अंतिम रूप दे रही है। एक बार जब यह राज्य कैबिनेट से मंज़ूर हो जाएगा, तो जिन महिलाओं के बिज़नेस में सफलता की संभावना दिखेगी, वे प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर ₹2 लाख तक की चरणबद्ध अतिरिक्त फंडिंग के लिए पात्र होंगी।

जीविका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और राज्य मिशन निदेशक हिमांशु शर्मा के अनुसार बिज़नेस प्लान का मूल्यांकन करने के लिए ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर समितियां बनाई जा रही हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चयन के लिए विस्तृत मानदंड, मूल्यांकन प्रक्रिया और वितरण तंत्र पर काम कर रहे हैं। स्केलेबल और इनोवेटिव आइडिया वाली महिलाओं को न सिर्फ़ अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी, बल्कि उन्हें अपने उद्यमों को बनाए रखने और बढ़ाने में मदद करने के लिए टेक्निकल स्किल्स, मार्केटिंग और बिज़नेस मैनेजमेंट में स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

दस लाख से ज़्यादा महिलाओं के सेल्फ-हेल्प ग्रुप

यह योजना पिछले दो दशकों में जीविका के तहत बने दस लाख से ज़्यादा महिलाओं के सेल्फ-हेल्प ग्रुप के बिहार के बड़े नेटवर्क का फ़ायदा उठाती है, और केंद्र की लखपति दीदी पहल के साथ तालमेल बिठाती है, जिसका मकसद सामूहिक उद्यम और स्किल-बिल्डिंग के ज़रिए कम से कम तीन करोड़ महिला करोड़पति बनाना है।

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Published on:
14 Jan 2026 11:43 am
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