पटना

Mahila Rojgar Yojana: बिहार में महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा, 2 लाख रुपये देने की प्रक्रिया शुरू

नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इससे जुड़ी जानकारी शेयर करते हुए लिखा कि राज्य की महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ प्रारंभ की गई है।
2 min read
Jan 29, 2026
Feature image
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना। फोटो- आईपीआरडी

Mahila Rojgar Yojanaमहिला रोजगार योजना के तहत व्यवसाय के लिए जीविका से जुड़ी दीदियों को दो लाख रूपये देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी गई। गुरुवार को नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इससे जुड़ी जानकारी शेयर करते हुए लिखा कि राज्य की महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ प्रारंभ की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके। इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रु० की राशि प्रदान की गई। अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में डी०बी०टी० के जरिए राशि भेज दी गई है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बचे हुए आवेदकों को भी नियमानुसार डी०बी०टी० के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी।

2 लाख रुपये तक की मदद देगी

इस योजना में महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे लिखा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह राशि चरणों में दी जाएगी बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार करने हेतु सदुपयोग किया गया हो। अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकेगी।

सरकार करेगी वस्तुओं की मार्केंटिग

विभाग को निदेश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजनान्तर्गत लाभुकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केंटिग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ा जाए जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केन्द्र, दीदी की रसोई इत्यादि। इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

Updated on:
29 Jan 2026 06:50 pm
Published on:
29 Jan 2026 06:47 pm