Bihar News: बिहार के भोजपुर में एक नाबालिग लड़की को किडनैप किया गया, छह दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ रेप किया गया। आरोपी के पिता ने भी इस अपराध में अपने बेटे की मदद की।
Bihar News:बिहार के भोजपुर जिले के धनगाई पुलिस स्टेशन इलाके में एक नाबालिग लड़की को बंदूक के बल पर किडनैप किया गया और फिर छह दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ भयानक अत्याचार किया गया। पीड़िता ने इस मामले में पिता-बेटे समेत दो लोगों पर आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि बेटा रेप करता था, जबकि पिता दरवाजे पर पहरा देता था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपी पिता और बेटा अभी फरार हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 19 जनवरी की शाम को शुरू हुई। जब पीड़ित किशोरी हमेशा की तरह अपने घर से खेत की ओर शौच के लिए निकली थी। वह जब वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे गांव के ही मिथुन चौधरी ने उसे घेर लिया। आरोप है कि मिथुन ने किशोरी की कनपटी पर कट्टा (देसी बंदूक) सटा दिया और उसे जान से मारने की धमकी दी। दहशत के कारण किशोरी चिल्ला भी नहीं सकी। आरोपी ने उसका मुंह बांधा और जबरन घसीटते हुए उसे अपने घर के एक अंधेरे कमरे में ले गया।
19 जनवरी से 25 जनवरी तक उस घर के अंदर जो हुआ, वह किसी की भी रूह कंपा देने के लिए काफी है। पीड़िता का आरोप है कि मिथुन ने उसे बंधक बनाकर बार-बार जबरदस्ती रेप किया। इस दौरान मिथुन का पिता मांझी चौधरी अपने बेटे की क्रूरता में उसका साथी बना रहा। वह बाहर से मुख्य दरवाजा पर ताला लगा देता था और पहरा देता था ताकि लड़की की चीखें बाहर सुनाई न दें और वह भाग न सके।
छह दिनों तक बंधक रहने के बाद, 25 जनवरी को नाबालिग लड़की को भागने का मौका मिला। बताया जाता है कि जब पिता और बेटा किसी काम में व्यस्त थे या उनका ध्यान कहीं और था, तो लड़की ने अपनी पूरी ताकत लगाकर भाग निकली। जब परेशान लड़की घर पहुंची और अपने परिवार को अपनी आपबीती सुनाई, तो वे हैरान रह गए। बिना किसी देरी के, परिवार ने धनगाई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता और पीड़िता की उम्र को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मिथुन चौधरी और उसके पिता मांझी चौधरी के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की। मामला POCSO एक्ट, अपहरण, अवैध हथियार रखने और गैंगरेप की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने सदर अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल कराया और कोर्ट में क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 164 के तहत उसका बयान भी दर्ज किया।
इस समय भोजपुर पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार पिता और बेटे को गिरफ्तार करना है। मिथुन और मांझी चौधरी घटना के बाद से ही फरार हैं। स्टेशन हाउस ऑफिसर ने बताया कि पुलिस आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। आरोपी अपने घरों से फरार हो गए हैं। पुलिस का दावा है कि दोनों को बहुत जल्द सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा।